Shelly Kittleson: बगदाद से अगवा अमेरिकी पत्रकार शेली किटलसन रिहा, कताइब हिजबुल्ला ने छोड़ा; रखी ये शर्त
इराक की राजधानी बगदाद से अगवा की गई अमेरिकी पत्रकार शेली किटलसन को रिहा कर दिया गया है। एक इराकी अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें बगदाद में ही बंदी बनाकर रखा गया था। ईरान समर्थित मिलिशिया कताइब हिजबुल्ला ने रिहाई का एलान करते हुए इसे प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के रुख से जोड़ा। साथ ये शर्त भी रखी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इराक की राजधानी बगदाद से पिछले हफ्ते अगवा की गई अमेरिकी पत्रकार शेली किटलसन को अब रिहा कर दिया गया है। इस बात की पुष्टि एक इराकी अधिकारी ने मंगलवार को की। अधिकारी के मुताबिक, किटलसन को दोपहर में आजाद किया गया, हालांकि फिलहाल वह कहां हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। अमेरिकी पत्रकार किटलसन को बगदाद में ही बंदी बनाकर रखा गया था। इससे पहले ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया कताइब हिजबुल्ला ने बयान जारी कर कहा था कि उसने किटलसन को रिहा करने का फैसला लिया है।
मिलिशिया ने कहा कि यह फैसला इराक के निवर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के देशभक्तिपूर्ण रुख के सम्मान में लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ऐसी पहल आगे दोबारा नहीं होगी। साथ ही शर्त रखी गई कि किटलसन को रिहाई के तुरंत बाद देश छोड़ना होगा। हालांकि अभी अमेरिकी विदेश विभाग ने इस मामले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
ये भी पढ़ें:- इतिहास रचकर लौट रहा आर्टेमिस-2: चंद्रमा की सीमा पार, अब पृथ्वी की ओर रफ्तार से बढ़ता ओरियन स्पेसक्राफ्ट
कताइब हिजबुल्ला ने पहले नहीं ली थी जिम्मेदारी
बता दें कि कताइब हिजबुल्ला ने पहले अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली थी, लेकिन अमेरिका और इराक के अधिकारियों ने इसी समूह पर शक जताया था। अब मिलिशिया के दो सदस्यों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि किटलसन की रिहाई के बदले उनके कुछ साथियों को भी छोड़ा जाएगा, जिन्हें इराकी अधिकारियों ने पहले गिरफ्तार किया था।
कौन है शेली किटलसन, यहां जानिए
49 साल की शेली किटलसन एक फ्रीलांस पत्रकार हैं और लंबे समय से विदेश में रहकर काम कर रही थीं। उन्होंने खासकर इराक और सीरिया में अपनी रिपोर्टिंग से पहचान बनाई थी। वे कुछ समय के लिए रोम को अपना बेस बनाकर काम कर चुकी हैं। अपहरण से कुछ दिन पहले ही वे इराक लौटी थीं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उन्हें कई बार सुरक्षा खतरे को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने देश छोड़ने से इनकार कर दिया था।
ये भी पढ़ें:- US Iran War: ट्रंप की 'डेडलाइन' पर दुनिया की नजरें, लेविट बोलीं- ईरान के पास सुबह साढ़े पांच बजे तक का वक्त
31 मार्च को हुआ था किटलसन का अपहरण
इराकी अधिकारियों के मुताबिक, किटलसन का अपहरण 31 मार्च को हुआ था। इस दौरान दो गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। एक गाड़ी का पीछा करते वक्त हादसा हो गया, जिसके बाद उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए। उनकी रिहाई के लिए बातचीत में भी काफी दिक्कतें आईं। एक अधिकारी ने बताया कि मिलिशिया के नेता संपर्क में नहीं आ रहे थे और वे छिपे हुए थे, जिससे बातचीत करना मुश्किल हो गया था। बताया जा रहा है कि इराकी सरकार किटलसन की रिहाई के बदले मिलिशिया के छह सदस्यों को छोड़ने के लिए तैयार थी, जिन्हें पहले सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.