अमेरिका में भारतीय इंजीनियर की हत्या पर व्हाइट हाउस ने तोड़ी चुप्पी
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कंसास गोलीकांड में भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला की नस्लीय टिप्पणी के बाद हुई हत्या पर पूरे एक सप्ताह बाद डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि - ‘यह बेहद परेशान करने वाली घटना थी।’ इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने चेतावनी दी थी कि इस मामले पर ट्रंप की चुप्पी अमेरिका की छवि को नुकसान पहुंचाएगी। अमेरिका में कंसास गोलीकांड को लेकर नाराजगी देखी गई। अमेरिका में श्रीनिवास के लिए शांति जुलूस निकालकर हजारों लोगों ने हिस्सा लिया और प्रार्थना सभा की। इस सभा में अमेरिकियों ने भी शिरकत की।
नस्लभेद का शिकार हुए श्रीनिवास के लिए कंसास राज्य में शांति जुलूस निकाला गया जिसमें हजारों की तादाद में भारतीय और अमेरिकी शामिल हुए। उन्होंने हाथों में श्रीनिवास की तस्वीरें और बैनर लिए हुए थे जिन पर लिखा था ‘हमें शांति से प्रेम है’, ‘हमारे बच्चों को बख्श दो’, ‘हम सब साथ हैं’ और ‘घृणा अपराध का विरोध करते हैं’।
हिलेरी क्लिंटन ने भी ट्वीट किया कि घृणा अपराध पर ट्रंप को जवाब देना चाहिए। उधर न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि ट्रंप ने न सिर्फ प्रवासियों को देश से बाहर रखा बल्कि उन्हें अपराधी व आतंकी भी कहा। इससे देश में विदेशियों के प्रति घृणा पैदा हुई। कंसास घटनाक्रम इसी की परिणति थी। ट्रंप ने अमेरिकियों को भड़काया और कंसास गोलीकांड पर कोई टिप्पणी तक नहीं की, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
बढ़ते दबाव के बीच एक हफ्ते बाद व्हाइट हाउस को बयान जारी करना पड़ा
भारतीय दूतावास ने भी अमेरिका के विदेश विभाग से मामले की जांच तेजी से कराने की बात कही है। बढ़ते दबाव के बीच करीब एक हफ्ते बाद व्हाइट हाउस को कंसास गोलीकांड पर बयान जारी करना पड़ा है। इस घटना में श्रीनिवास कुचिभोतला की मौत हो गई, जबकि उनके साथी आलोक मदासानी व उन्हें बचाने आए अमेरिकी इएन ग्रिलोट घायल हो गए थे।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने कहा कि - ‘कंसास में जो हुआ, उसे कई लोगों ने घृणित अपराध बताया। हम लोग पूरे अमरीका में यहूदी कम्युनिटी सेंटर्स पर हो रहे हमलों की निंदा करते रहे हैं। हम कानूनी एजेंसियों से आगे नहीं जाना चाहते। कंसास की जो भी शुरूआती रिपोर्ट्स मिली हैं, वो सभी निश्चित रूप से परेशान करनी वाली हैं।’
इएन ग्रिलोट की बहन भी लिया जुलूस व प्रार्थना सभा में हिस्सा
कंसास गोलीकांड में श्रीनिवास की मौत और उनके साथी आलोक मदासानी व उन्हें बचाने आए अमेरिकी इएन ग्रिलोट के घायल होने के बाद इंडिया एसोसिएशन ऑफ कंसास सिटी ने जुलूस व प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इसमें कई अमेरिकियों के अलावा ग्रिलोट की बहन मैगी भी शामिल हुईं। मैगी ने कहा कि - ‘उनके भाई ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि यह उनके संस्कार में था।’ उन्होंने कहा कि ‘मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका रंग क्या है, हर इंसान एक समान है।’ घायल मदासानी ने कहा कि उस रात जो हुआ वह एक मूर्खतापूर्ण अपराध था जिसने मुझसे मेरा दोस्त छीन लिया।
हैदराबाद में हुआ श्रीनिवास का अंतिम संस्कार
कंसास गोलीकांड में मारे गए भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला का शव सोमवार रात यहां लाया गया। पत्नी सुनयना दुमाला भी श्रीनिवास के शव के साथ यहां पहुंचीं। मंगलवार को श्रीनि का अंतिम संस्कार किया गया। सुनयना ने बताया कि उन्होंने कई बार पति से भारत लौटने के लिए कहा था लेकिन श्रीनिवास हर बार इस बात को टाल जाते थे।