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किस तरह लड़े जाएंगे भविष्य के युद्ध?
बीबीसी हिंदी/शैरॉन वैनबर्गर
Updated Fri, 05 Apr 2013 04:26 PM IST
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अमेरिकी नौसेना भविष्य की जंग के लिए तैयार हो रही है।
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उसका मानना है कि भविष्य में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा जो अदृश्य हों, जिनका पता न लगाया जा सके और वो सैटेलाइट, कंप्यूटर, राडार और विमानों सहित सब कुछ बंद कर सकते हों।
भविष्य के यह हथियार हैं इलेक्ट्रो मैग्नेटिक हथियार। यह वह हथियार होंगे जिनमें इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन का इस्तेमाल किया जाता है।
यह हथियार इलेक्ट्रोनिक उपकरणों को जाम या पूरी तरह से तबाह कर सकते हैं।
अमेरिकी समुद्री अभियानों के प्रमुख एडमिरल जॉनेथन ग्रीनर्ट ज़ोर देते हैं कि साइबर हथियारों को इलेक्ट्रो मैग्नेटिक हथियारों को साथ मिलाकर देखा जाए, जिसे वह “इलेक्ट्रो मैग्नेटिक साइबर विभाग” कहना पसंद करते हैं।
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हाल ही में लिखे गए एक आर्टिकल में वह कहते हैं, “ईएम-साइबर विभाग सैन्य अभियानों के लिए इतना ज़रूरी और देश के हितों के लिए इतना महत्वपूर्ण हो गया है कि हमें इसे ज़मीन, समुद्र, हवा और अंतरिक्ष के समान या उससे भी महत्वपूर्ण युद्ध क्षेत्र मानना चाहिए।”
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इलेक्ट्रॉनिक हथियार
स्टक्सनेट जैसे कंप्यूटर वायरस के बारे में बहुत लिखा गया है जिसने ईरान के परमाणु ठिकानों में घुसपैठ की थी।
इसके अलावा भी सरकारी, सैन्य विभागों और निजी कंपनियों पर वायरसों के हमले तो हुए हैं लेकिन इलेक्ट्रोमैग्नेट हमले बमुश्किल ही सामने आए हैं।
यह हथियार शीत युद्ध के समय के विचार पर काम करते हैं।
दुश्मन के क्षेत्र में काफ़ी ऊंचाई पर परमाणु बम विस्फोट किया जाए, जिससे इलेक्ट्रो मैग्नेटिक पल्स या ईएमपी बने जो बिजली और संचार नेटवर्क को तबाह कर दें।
हालांकि परमाणु विस्फोट से ईएमपी हथियार बनाने का विचार अब भी सैद्धांतिक ही है लेकिन अमेरिका पारंपरिक स्रोत, उच्च शक्ति वाले माइक्रोवेव जनरेटर्स, को विकसित करने पर ध्यान दे रहा है।
ऐसे हथियार, कम से कम सैद्धांतिक रूप से, वाहनों को जाम कर दते हैं और हथियारों को भी ठंडा कर सकते हैं।
हालांकि ऐसे ज़्यादातर हथियारों का काम गुप्त है लेकिन कुछ ऐसे हथियार भी हैं जिनके बारे में जानकारी उपलब्ध है।
जैसे कि अमेरिकी सेना ने एक ‘रेडियो-फ्रीक्वेंसी व्हीकल स्टॉपर’ के लिए धन उपलब्ध करवाया है। यह सैटेलाइट डिश के साइज़ का एक हथियार है जिसे जीप के ऊपर लगाया जा सकता है और यह कुछ दूरी से दुश्मन के वाहन को बेकार कर देता है।
मिसाइल
एविएशन वीक और स्पेस टेक्नोलॉजी मैग्ज़ीन के पूर्व वरिष्ठ संपादक, डेव फलग़म कहते हैं, “इस्तेमाल किए जा रहे ज़्यादातर हथियार नज़दीक से इस्तेमाल किए जाने वाले हैं। इन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल के लिए नज़दीक लाना पड़ता है।”
सुरक्षा उपकरण बनाने में लगी कंपनियां ऐसे हथियार भी विकसित करने में लगी हैं जो पर्याप्त दूरी से वार कर सकें।
पिछले साल अक्टूबर में बोइंग ने काउंटर-इलेक्ट्रोनिक्स हाई पावर्ड माइक्रोवेव एडवांस्ड मिसाइल प्रोजेक्ट (चैंप) के विकास की फुटेज दिखाई थी।
यह एक क्रूज़ मिसाइल है जिसपर इलेक्ट्रो मैग्नेटिक वारहेड लगा हुआ है।
हालांकि बोइंग ने इस प्रोजक्ट के बारे में विस्तार से बात करने से मना कर दिया लेकिन फ़िल्म में दिखाया गया था कि मिसाइल डेस्कटॉप कंप्यूटरों को बेकार निष्क्रिय कर रही है।
फलग़म के अनुसार अमेरिकी कंपनी रेथिऑन ने इलेक्ट्रो मैग्नेटिक वारहेड वाली मिसाइल के विकास पर काम किया है।
वॉर गेम
अमेरिकी सेना इलेक्ट्रो मैग्नेटिक हथियारों के विस्तार को इतनी गंभीरता से ले रही है कि उसने एक गेम डिज़ाइन किया है जिसे एमएमओडब्ल्यूजीएलआई कहा जाता है।
यह इंटरनेट पर कई खिलाड़ियों द्वारा खेले जाने वाला एक वॉरगेम है।
इसे अमेरिकी नौसेना के तीन अंग- नौसेना युद्धकला विकास कमांड, नौसेना शोध कार्यालय और नौसेना स्नातकोत्तर विद्यालय मिलकर चलाते हैं।
इस खेल के माध्यम से खिलाड़ियों से सुझाव मांगे जाते हैं कि नौसेना ऐसे हथियारों, जो अदृश्य हों और अक्सर उनका पता न चल सके- जो सैटेलाइट, राडार, कंप्यूटर, जहाज़ को निष्क्रिय कर दे, का मुकाबला कैसे करे।
इस खेल तक पहुंच सिर्फ़ सैन्य या सरकारी ईमेल एकाउंट वालों को ही मिलती है।
हालांकि इसे सेना और सरकारी अधिकारियों तक सीमित कर देना सुझावों को सीमित कर देता है।
लेकिन नौसेना स्नातकोत्तर विद्यालय में मूव्स इंस्टीट्यूट में शोधकर्ता रेबेका लॉ बताती हैं कि अब भी इसके 200 सक्रिय खिलाड़ी हैं।
फिर खेल में इंटरनेट पर खिलाड़ियों को जो आवरण प्रदान किया जाता है उससे वे अपनी रैंक या स्थिति का ख़्याल किए बिना सुझाव दे सकते हैं।
फिर खेल की तर्ज पर जिसमें पॉएंट्स मिलते हैं और विजेता घोषित किया जाता है एक रचनात्मक स्थिति पैदा करता है।
रेबेका कहती हैं, “उन्हें (नौसेना को) आइडिया चाहिए, वह खेल में जीतना चाहते हैं।”
हालांकि जीतेगा कौन, यह तो वक्त ही बताएगा।