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भारतवंशी उजरा जेया ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय से दिया इस्तीफा, ट्रंप प्रशासन पर लगाए नस्ली आरोप
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Wed, 26 Sep 2018 05:07 AM IST
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uzra zeya
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भारतीय मूल की अमेरिकी वरिष्ठ राजनयिक उजरा जेया ने अमेरिका के विदेश मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन में नस्ली और अभद्र व्यवहार होने का आरोप लगाया। उजरा ने कहा कि विदेश मंत्रालय और दूतावास के उच्च अधिकारी अल्पसंख्यकों का बहिष्कार कर रहे हैं।
उजरा के पिता भारतीय हैं, जबकि उजरा का जन्म अमेरिका में ही हुआ था। वह 25 साल से अमेरिकी विदेश मंत्रालय में काम कर रही थीं। हालांकि, इस बार उन्होंने मंत्रालय के विभाग में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव होने की बात कही है। उजरा ने कहा, ‘ट्रंप प्रशासन के काम संभालने के पांच महीने बाद ही तीन वरिष्ठ अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अधिकारी या तो विभाग से निकाल दिए गए या उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनकी रिपोर्टिंग श्वेत लोगों को सौंप दी गई। उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि पिछले एक महीने के दौरान अच्छा काम करने वाले अल्पसंख्यक राजनयिकों को सचिवालय की बैठकों में नहीं बुलाया जाता है।
भारतवंशी उजरा ने कहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय में जिम्मेदारी वाले काम भी नस्ली दुर्व्यवहार के चलते अश्वेत लोगों को नहीं सौंपे जा रहे हैं। उजरा के विश्लेषण के मुताबिक, अमेरिकी विदेश सेवा संघ में ट्रंप प्रशासन ने 64 फीसदी श्वेत पुरुषों को तैनात किया गया है। यह आंकड़ा ओबामा प्रशासन के आठ साल के कार्यकाल से सात प्रतिशत अधिक है। उजरा ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में किसी भी अफ्रीकी मूल की अमेरिकी महिला राजनयिक को नामित करने में भी सफल नहीं रहे हैं।
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उजरा के पिता भारतीय हैं, जबकि उजरा का जन्म अमेरिका में ही हुआ था। वह 25 साल से अमेरिकी विदेश मंत्रालय में काम कर रही थीं। हालांकि, इस बार उन्होंने मंत्रालय के विभाग में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव होने की बात कही है। उजरा ने कहा, ‘ट्रंप प्रशासन के काम संभालने के पांच महीने बाद ही तीन वरिष्ठ अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अधिकारी या तो विभाग से निकाल दिए गए या उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनकी रिपोर्टिंग श्वेत लोगों को सौंप दी गई। उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि पिछले एक महीने के दौरान अच्छा काम करने वाले अल्पसंख्यक राजनयिकों को सचिवालय की बैठकों में नहीं बुलाया जाता है।
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भारतवंशी उजरा ने कहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय में जिम्मेदारी वाले काम भी नस्ली दुर्व्यवहार के चलते अश्वेत लोगों को नहीं सौंपे जा रहे हैं। उजरा के विश्लेषण के मुताबिक, अमेरिकी विदेश सेवा संघ में ट्रंप प्रशासन ने 64 फीसदी श्वेत पुरुषों को तैनात किया गया है। यह आंकड़ा ओबामा प्रशासन के आठ साल के कार्यकाल से सात प्रतिशत अधिक है। उजरा ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में किसी भी अफ्रीकी मूल की अमेरिकी महिला राजनयिक को नामित करने में भी सफल नहीं रहे हैं।
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