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उस्ताद इमरत खान का पद्मश्री अवॉर्ड लेने से इनकार, कहा- काफी देर कर दी
एजेंसी/ शिकागो
Updated Fri, 03 Feb 2017 03:51 AM IST
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जाने-माने सितार और सुरबहार वादक उस्ताद इमरत खान (82) ने पद्मश्री सम्मान लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें यह सम्मान काफी देर से दिया जा रहा है और यह उनकी विश्वव्यापी प्रतिष्ठा और योगदान के अनुकूल भी नहीं है।
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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म सम्मान के लिए उनके नाम की घोषणा के बाद शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सेंट लुइस में रहने वाले इमरत खान से संपर्क किया था। इस पर उन्होंने दूतावास को कहा कि उनके जूनियर्स को पहले ही पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जा चुका है। लिहाजा पद्मश्री दिए जाने के फैसले से उन्हें मिश्रित भावनाओं की अनुभूति हो रही है।
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बकौल इमरत, ‘82 साल की उम्र के पड़ाव पर भारत सरकार ने मुझे पद्मश्री सम्मान के लिए चुना है। यह सम्मान देने के पीछे की सद्भावना का मैं आदर करता हूं।’ दुनिया भर में भारतीय शास्त्रीय संगीत खासकर सितार और सुरबहार के प्रसार में इमरत खान का काफी बड़ा योगदान है।
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अपने बड़ भाई उस्ताद विलायत खान के अलावा उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, उस्ताद अमेदजन थिरकवा खान और पंडित वीजी जोग जैसे दिग्गजों के साथ प्रस्तुति दे चुके इमरत ने कहा कि वह पद्मश्री स्वीकार करके समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, ‘मेरा संगीत मेरे जीवन का सबसे अहम हिस्सा है। बिना किसी भ्रष्ट आचरण और इस कला के प्रति पूरे समर्पण के साथ मैंने इसे जीवनभर सबसे ऊंचे पायदान पर रखा है।’