'सद्दाम, गद्दाफी सत्ता में होते तो दुनिया में होती ज्यादा शांति'
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर से दावेदारी पेश करने वाले डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी जैसे तानाशाह सत्ता में होते तो दुनिया में ज्यादा शांति होती। अरबपति और रियल एस्टेट कारोबारी ट्रंप ने सीएनएन के स्टेट ऑफ यूनियन टॉक शो में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के चारों ओर मध्य पूर्व उड़ रहा है।
यह पूछे जाने पर कि सद्दाम हुसैन और मुहम्मर गद्दाफी अगर इराक और सीरिया की सत्ता पर काबिज होते तो क्या दुनिया में ज्यादा शांति होती तो इस पर ट्रंप ने कहा कि सौ फीसदी शांति होती।
दोनों नेताओं ने अपने देश की जनता के साथ ज्यादती की और अब इस दुनिया में भी नहीं हैं।
उन्हें डूबोकर मारा जा रहा है
अमेरिकी नेतृत्व में चलाए गए अभियान में सद्दाम हुसैन को वर्ष 2003 में
इराक की सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। बाद में उन्हें वर्ष 2006 में
फांसी दे दी गई थी।
वहीं गद्दाफी ने करीब चार दशक तक लीबिया की सत्ता पर कब्जा जमाए रखा और
अक्तूबर 2011 में विद्रोहियों ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया तथा
विद्रोह के दौरान ही गद्दाफी की भी हत्या कर दी गई।
ट्रंप ने कहा कि
लोगों के सिर कलम किए जाने के साथ ही उन्हें डुबोकर मारा जा रहा है। वास्तव
में यह स्थिति सद्दाम और गद्दाफी के शासन काल से भी बदतर है। आप लीबिया को
ही ले लीजिए। आज वह तबाही के कगार पर पहुंच गया है। कमोबेश यही स्थिति
सीरिया और इराक की भी है। पूरा मध्यपूर्व बारूद के ढेर पर उड़ रहा है। माना
जा रहा है कि ट्रंप के इस बयान पर खासा विवाद खड़ा हो सकता है।