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एक बार मिलकर किम से दोबारा मिलने को बेचैन हैं ट्रंप, चीन को पता है हकीकत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 21 Aug 2018 05:08 PM IST
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सिंगापुर की ऐतिहासिक वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ दोबारा मिलने की प्रबल संभावना जताई है। ट्रंप ने अपनी उन कोशिशों का भी बचाव किया जो उन्होंने उत्तर कोरिया को एटमी निरस्त्रीकरण के लिए तैयार करने को लेकर की हैं। उन्होंने चीन को लेकर शिकायत भी की।
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ट्रंप ने कहा कि 12 जून को उनकी सिंगापुर शिखर वार्ता के बाद कई आशंकाओं के बीच परमाणु हथियार छोड़ने को लेकर प्योंगयांग ने कुछ ठोस कदम उठाए हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के साथ अच्छे रिश्तों पर जोर देते हुए चीन को लेकर शिकायत भी रखी।
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उन्होंने कहा कि व्यापार विवाद के चलते उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चीन पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहा है। किम से दोबारा मिलने के सवाल पर ट्रंप ने कहा, संभव है कि हम दोबारा मिलेंगे, लेकिन मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहता। मेरे किम जोंग के साथ अच्छे निजी रिश्ते हैं।
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हालांकि, ट्रंप ने किम के साथ दूसरी मुलाकात के बारे में कोई अधिक जानकारी नहीं दी है। ट्रंप ने कहा कि वह प्योंगयांग के साथ सिर्फ 3 महीने से काम कर रहे हैं जबकि उनसे पूर्व की सरकारें 30 साल से ऐसा कर रही थीं।
उन्होंने अपने कामों को याद करते हुए कहा, मैंने उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों को रोका, उसके मिसाइल परीक्षणों को रोका। इससे जापान खुश है। हालांकि क्या होने जा रहा है, इसे कौन जानता है? हम देखेंगे। ट्रंप ने सिंगापुर सम्मेलन को सफलता करार देते हुए कहा कि उत्तर कोरिया अब खतरा नहीं है।
बड़े कदम नहीं उठाए
वाशिंगटन के 38 नॉर्थ थिंक टैंक ने पिछले माह सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से कहा था, ऐसे संकेत मिले हैं कि उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण स्थलों को बंद करना शुरू कर दिया है। लेकिन कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर यह बताया कि उन्हें परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।