फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   US military pilots hits in Africa by Chinese lasers says trump administration

अमेरिकी विमान पर चीनी सैनिकों का लेजर हमला, दो पायलट जख्मी

Sat, 05 May 2018 06:15 AM IST
एजेंसी, वाशिंगटन/बीजिंग
एजेंसी, वाशिंगटन/बीजिंग Updated Sat, 05 May 2018 06:15 AM IST
विज्ञापन
US military pilots hits in Africa by Chinese lasers says trump administration
प्रतीकात्मक तस्वीर

अफ्रीका के जिबूती में स्थित चीन के सैन्य बेस पर मौजूद सैनिकों ने एक अमेरिकी विमान पर लेजर हमला कर दिया। इसमें दो अमेरिकी वायुसैनिक घायल हो गए। हालांकि चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। 

विज्ञापन


पेंटागन की प्रवक्ता डाना डब्ल्यू वाइट ने कहा कि लेजर हमले में सी-130 विमान में सवार दो वायुसैनिक घायल हुए हैं। उन्हें यकीन है कि इसके पीछे चीन के सैनिक हैं। डान ने यह भी बताया कि दो से ज्यादा और दस से कम बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। हाल के हफ्तों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। 
विज्ञापन


उन्होंने चीन के समक्ष इसका आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह लेजर पायलटों को कुछ समय के लिए अंधा भी कर सकता है। पेंटागन का आरोप है कि यह लेजर सैन्य स्तर का था, जिससे दो अमेरिकी पायलट घायल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
उधर, चीन के रक्षा और विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग बयान जारी करके इन आरोपों को आधारहीन करार देते हुए नकार दिया है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, अमेरिका में कुछ लोगों को तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। न की ऐसे झूठे आरोप लगाने चाहिए। ज्ञात हो कि 2017 में चीन ने जिबूती में सैन्य बेस बनाया था, जिसके बाद पहली बार अमेरिका से उसका टकराव हुआ है। यहां अमेरिका के भी चार हजार से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। 

भड़का अमेरिका, नतीजों की चेतावनी

US military pilots hits in Africa by Chinese lasers says trump administration

चीन द्वारा दक्षिण सागर की तीन चौकियों पर एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात करने के बाद अमेरिका भड़क गया है। क्षेत्र में ताजा सैन्यीकरण पर अमेरिका ने चिंता जताते हुए चीन को चेतावनी दी है कि उसे निकट व दूरगामी अवधि में इसके नतीजे भुगतने होंगे।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने कहा कि हम दक्षिण चीन सागर में चीन के सैन्यीकरण से अच्छी तरह वाकिफ हैं और हमने इस मुद्दे को प्रत्यक्ष रूप से चीनी नेतृत्व के सामने उठाते हुए उसे अंजाम भुगतने की चेतावनी दी हैै। हालांकि सैंडर्स ने यह नहीं बताया कि चीन को क्या परिणाम भुगतने होंगे। 

एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर यह भी बताया कि हमें यह सूचना भी मिली है कि चीन ने स्प्राली द्वीपों पर पिछले माह चीन ने कुछ हथियार सिस्टम भी तैनात किए हैं। इनमें चट्टान भेदी फायरिंग उपकरण और खतरनाक हथियार शामिल हैं।

अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक चीन ने पिछले दिनों इस क्षेत्र में सात आइलैंड, मिसाइल स्टेशन, हैंगर और रडार स्टेशन बना चुका है। राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा भी अपने कार्यकाल के दौरान दक्षिण चीन सागर पर चीन के बढ़ते कब्जे को लेकर विरोध जता चुके हैं। पश्चिमी प्रशांत सागर में भी चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों के चलते अमेरिका को चुनौती देता रहा है।

पेंटागन ने भी विवादित क्षेत्र को लेकर चिंता जताई

US military pilots hits in Africa by Chinese lasers says trump administration

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी विवादित क्षेत्र में चीनी सैन्य निर्माण पर चिंता जताई है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता दाना व्हाइट ने संवाददातों से कहा, हम इन कृत्रिम द्वीपों के सैन्यीकरण से जुड़ी चिंताओं के बारे में बहुत मुखर हैं। चीन को यह महसूस करना होगा कि उन्हें समुद्र के नि:शुल्क नेविगेशन से फायदा हुआ है और अमेरिकी नौसेना इसके गारंटर हैं।

एडवांस हथियारों का प्रदर्शन कर चुका है चीन
बृहस्पतिवार को चीन ने विवादित तीन चौकियों पर मिसाइलों की तैनाती को सही ठहराया है। उसने कहा कि दक्षिण सागर पर चीन की निर्विवाद संप्रभुता है। यहां चीन अप्रैल में अब तक का अपना सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास भी कर चुका है। यहां पहली बार चीन के विमानवाहक हमला समूह और पीएलए के सबसे एडवांस हथियारों का प्रदर्शन किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed