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अमेरिका के मध्यावधि संसदीय चुनाव में 12 भारतीय-अमेरिकी आजमा रहे हैं अपनी किस्मत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:13 AM IST
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अमेरिका
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अमेरिका में छह नवंबर को होने जा रहे मध्यावधि संसदीय चुनाव में 12 भारतीय-अमेरिकी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें से तीन महिलाएं हिराल तिपिरनेनी और अनीता मलिक अरिजोना से हैं, वहीं प्रमिला जयपाल वॉशिंगटन से हैं।
प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला जयपाल वाशिंगटन के सातवें संसदीय क्षेत्र से फिर से निर्वाचित होने की कोशिश में जुटी हुई हैं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उनकी जीत के कयास लगाए जा रहे हैं।
उनके अलावा तीन अन्य भारतीय - अमेरिकी, इलिनोइस से राजा कृष्णमूर्ति, कैलिफोर्निया से रो खन्ना और डॉ अमी बेरा भी दोबारा निर्वाचित होने के लिए चुनावी दौड़ में हैं।
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पिछले तीन चुनावों के मतों की दोबारा गणना के बाद बेरा को विजयी घोषित किया गया था। इस बार रिपब्लिकन पार्टी के एन्ड्रूय ग्रांड उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
इस वर्ष कृष्णमूर्ति को रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार भारतीय - अमेरिकी जितेन्द्र दिगनवेकर के खिलाफ इलिनोइस से खड़ा किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही प्राइमरी चुनावों में निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
कुछ अहम संसदीय जिलों में भारतीय अमेरिकी अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं आठवें संसदीय जिले अरिजोना से हिराल तिपिरनेनी और पूर्व राजनयिक प्रेस्टन कुलकर्णी जो 22वें जिले टेक्सास से चुनाव लड़ रहे हैं।
भारत के लिए अमेरिका के राजनयिक रह चुके रिचर्ड वर्मा ने गुरुवार को कुलकर्णी के नाम की अनुशंसा की।
इनके अलावा युवा भारतीय - अमेरिकी आफताब पुरेवाल,संजय पटेल, हैरी अरोड़ा आदि इस चुनावी दौड़ में शामिल हैं। निर्दलीय शिवा अयादुरई एकमात्र भारतीय - अमेरिकी हैं जो मैसाच्युसेट्स से अमेरिकी सीनेट के लिए उम्मीदवार हैं। (इनपुट:भाषा)
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प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला जयपाल वाशिंगटन के सातवें संसदीय क्षेत्र से फिर से निर्वाचित होने की कोशिश में जुटी हुई हैं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उनकी जीत के कयास लगाए जा रहे हैं।
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उनके अलावा तीन अन्य भारतीय - अमेरिकी, इलिनोइस से राजा कृष्णमूर्ति, कैलिफोर्निया से रो खन्ना और डॉ अमी बेरा भी दोबारा निर्वाचित होने के लिए चुनावी दौड़ में हैं।
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पिछले तीन चुनावों के मतों की दोबारा गणना के बाद बेरा को विजयी घोषित किया गया था। इस बार रिपब्लिकन पार्टी के एन्ड्रूय ग्रांड उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
इस वर्ष कृष्णमूर्ति को रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार भारतीय - अमेरिकी जितेन्द्र दिगनवेकर के खिलाफ इलिनोइस से खड़ा किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही प्राइमरी चुनावों में निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
कुछ अहम संसदीय जिलों में भारतीय अमेरिकी अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं आठवें संसदीय जिले अरिजोना से हिराल तिपिरनेनी और पूर्व राजनयिक प्रेस्टन कुलकर्णी जो 22वें जिले टेक्सास से चुनाव लड़ रहे हैं।
भारत के लिए अमेरिका के राजनयिक रह चुके रिचर्ड वर्मा ने गुरुवार को कुलकर्णी के नाम की अनुशंसा की।
इनके अलावा युवा भारतीय - अमेरिकी आफताब पुरेवाल,संजय पटेल, हैरी अरोड़ा आदि इस चुनावी दौड़ में शामिल हैं। निर्दलीय शिवा अयादुरई एकमात्र भारतीय - अमेरिकी हैं जो मैसाच्युसेट्स से अमेरिकी सीनेट के लिए उम्मीदवार हैं। (इनपुट:भाषा)