आतंकवाद पर भारत को मिला अमेरिका का साथ, अब अमेरिका से फंड नहीं जुटा पायेगा पाकिस्तान
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अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम में संसोधन को मंजूरी दे दी है। इस बिल के पास हो जाने से पाकिस्तान को अमेरिका से फंडिग पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। गौरतलब है कि अमेरिका से गरीबी खत्म करने के नाम पर फंड लेकर पाकिस्तान उसका प्रयोग हथियारों और आतंकी गतिविधियों में करता था। लेकिन अब अमेरिकी बिल के आने से पाकिस्तान को अमेरिका से फंड लेने में मुश्किलें आएंगी जिससे वह अमेरिका से प्राप्त फंड का गलत प्रयोग नहीं कर पायेगा।
US Congress adopts amendments to National Defence Authorisation Act, making it difficult for Pak to get US funding for fight against terror.
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— ANI (@ANI_news) 15 July 2017
भारत और चीन सीमा विवाद के बीच देश को अमेरिका का साथ मिल गया है। अमेरिकी संसद में भारत के साथ सहयोग में 621.5 बिलियन डॉलर का एक एडवांस डिफेंस बिल पास किया गया है। यह बिल भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद अमी बेरा द्वारा संशोधन के रूप में लाया गया।यह संशोधन राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (NDAA) 2018 के भाग के रूप में पारित किया गया। जो इस साल 1 अक्टूबर से लागू होगा। एनडीएए -2018 बिल संसद में 81 के मुकाबले 344 मतों से पारित किया गया।
संसद में पारित इस बिल के संबंध में कहा गया है कि इसे विदेश मंत्री के साथ सलाह करके पारित किया गया है, जिसमें अमेरिका और भारत के बीच सहयोग बढ़ाने की रणनीति से किया गया है। वहीं बेरा ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था है और भारत सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था है।
यह एक महत्वपूर्ण बिल है, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढेगा। साथ ही दोनों देश ऐसी रणनीतियों का निर्माण करेंगे, जो देश की सुरक्षा को बेहतर बनाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं आभारी हूं कि इस संशोधन को पारित किया गया। हम सुरक्षा चुनौतियों, सहयोगियों की भूमिका और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग जैसे अहम मामलों पर रक्षा मंत्रालय की रणनीति का इंतजार कर रहे हैं।