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पूर्व राष्ट्रपतियों के मुकाबले ट्रंप की पहली कैबिनेट में अश्वेत नजरअंदाज

Wed, 25 Jan 2017 05:06 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन Updated Wed, 25 Jan 2017 05:06 AM IST
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Trump ignored blacks in his first cabinet
- फोटो : Reuters

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली कैबिनेट में महिलाओं और अश्वेतों की संख्या पिछले राष्ट्रपतियों के मुकाबले काफी कम है। ट्रंप से पहले रोनाल्ड रीगन के समय पहली कैबिनेट में भी अश्वेतों और महिलाओं के लिए विशेष स्थान नहीं था। उल्लेखनीय है कि ट्रंप पर चुनाव के दौरान नस्लवादी होने के आरोप लगते रहे हैं।

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ट्रंप कैबिनेट का स्वरूप लगभग तय हो चुका है। इनमें कैबिनेट स्तर के कुल 22 पदों में से 5 पर महिलाओं व अश्वेतों को चुना है और 17 पद श्वेत पुरुषों से भरे गए हैं। यदि रोनाल्ड रीगन से तुलना करें तो ट्रंप ने अपनी पहली कैबिनेट में चार महिलाओं (दो श्वेत व दो अश्वेत) और एक अश्वेत को चुना है जबकि रीगन ने एक श्वेत महिला किर्कपैट्रिक व अश्वेत पुरुष सैमुअल को चुना था।
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ट्रंप ने परिवहन मंत्री एलाइन चाओ व संयुक्त राष्ट्र राजदूत निक्की हेली को अश्वेत महिलाओं के बतौर कैबिनेट में स्थान दिया है और शिक्षामंत्री बेट्सी डोवोस व लघु व्यापार प्रशासन के लिए लिंडा मैकमैहन को श्वेत महिलाओं के रूप में प्रतिनिधित्व दिया है। ट्रंप ने अकेले बेन कार्लसन को अश्वेत पुरुष के बतौर अपनी पहली कैबिनेट में स्थान दिया है।
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इससे पहले बराक ओबामा ने कुल 8 श्वेत लोगों को अपनी पहली कैबिनेट में स्थान दिया था जो रीगन के बाद सबसे कम संख्या थी। जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने 11 श्वेतों को पहली कैबिनेट के लिए चुना और उनसे पहले बिल क्लिंटन ने 10 श्वेत लोगों को स्थान दिया। उनके पूर्ववर्ती जॉर्ज बुश ने 12 श्वेत पुरुषों को अपनी पहली कैबिनेट में स्थान दिया था। 

पोम्पियो व टिलरसन पर अमेरिकी सीनेट की मुहर

Trump ignored blacks in his first cabinet
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : REUTERS

माइक पोम्पियो को अमेरिकी सीनेट ने केंद्रीय खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक के लिए अपनी सहमति दे दी। इसी प्रकार अमेरिकी सीनेट की विदेशी संबंध समिति ने तेल कंपनी एक्सोन मोबिल के पूर्व अध्यक्ष रैक्स टिलरसन को विदेश मंत्री के बतौर अपनी मुहल लगा दी। ये दोनों ही अमेरिकी राष्ट्रपति की पसंद थे जिन्हें ट्रंप ने अपनी शपथ से पहले चुन लिया था। माइक पोम्पियो के पक्ष में 67 मत गिरे जो उनकी नियुक्ति के लिए पर्याप्त थे। 

पोम्पियो के खिलाफ 30 मत पड़े जिसमें अधिकतर विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी के थे। उनकी नियुक्ति पर कुछ सांसदों को आपत्ति थी कि वह किसी भी जांच या पूछताछ तकनीक के दौरान यातना देने वाला कड़ा रवैया अपना सकते हैं। दूसरी तरफ, रैक्स टिलरसन को विदेश मंत्री के रूप में काफी नजदीकी मामले में 11-10 के मत से सीनेट ने अपनी सहमति दे दी। डेमोक्रेट सांसदों ने उनके नामांकन का विरोध किया था। 

इस्लाम विरोधी हैं पोम्पियो रूस के करीबी हैं टिलरसन
माइक पोम्पियो को अमेरिकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के नए प्रमुख बने हैं जिनकी पहचान रिपब्लिकन पार्टी में एक हार्डलाइनर की रही है। इस्लामिक कट्टरपंथ के बारे में उनके विचार काफी आक्रामक हैं। वह 2011 में भी प्रतिनिधि सभा के सदस्य रह चुके हैं और उनके पास कारोबार, खुफिया व सेना का पर्याप्त अनुभव है। दूसरी तरफ, रैक्स टिलरसन को रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन का काफी करीबी माना जाता है। वह तेल कंपनी के प्रमुख रहे हैं और रूस में उनका बड़ा कारोबार है। टिलरसन को चीन का विरोधी भी माना जाता है।

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