भारतीय मूल के राजीव शाह को ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सौंपी अहम जिम्मेदारी
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अमेरिका में रॉकफिलर फाउंडेशन के ट्रस्टी राजीव जे. शाह से छह माह पहले जब उस समिति को ज्वाइन करने के लिए कहा गया जो अगले अध्यक्ष का चयन करेगी तो भारतीय मूल के इस अमेरिकी ने इससे इंकार करते हुए कहा था कि उन्हें पद चाहिए, समिति की सदस्यता नहीं। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी मुराद पूरी करते हुए उन्हें व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
रॉकफिलर फाउंडेशन अमेरिका की सबसे बड़ी संस्था है जो देश में चेरिटेबल संबंधी कामकाज देखती है। 43 वर्षीय राजीव शाह इस फाउंडेशन के वर्तमान अध्यक्ष ज्यूडिथ रॉडिन का स्थान लेंगे जो पिछले 12 साल से इस पद पर बने हुए थे।
20 करोड़ डॉलर के सालाना बजट वाला यह फाउंडेशन दुनिया की सबसे बड़ी संस्था है, जिसके लिए पहली बार किसी भारतीय मूल के अमेरिकी का चयन हुआ है। 20 जनवरी को अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनने वाले ट्रंप ने शाह को व्हाइट हाउस में उनकी टीम के भीतर महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चुना है।
शाह को ट्रंप के उप सहायक के बतौर जिम्मेदारियां संभालनी होंगी
ट्रंप की ट्रांजिशन टीम ने शाह के नाम की घोषणा करते हुए बताया कि शाह को ट्रंप के उप सहायक के बतौर उप संचार निदेशक व अनुसंधान निदेशक की जिम्मेदारियां संभालनी होंगी। शाह के माता-पिता गुजरात से अमेरिका आए थे।
सबसे पहले शाह के पिता उनकी पढ़ाई के दौरान 1970 के दशक में अमेरिका आए, लेकिन कुछ वक्त बाद वह भारत वापस चले गए। शादी के बाद उनके पिता 70 के दशक के आखिर में अमेरिका वापस लौट आए। राजीव जे. शाह का जन्म और परवरिश अमेरिका में ही हुई है।
शाह का परिचय
शाह के माता-पिता के अमेरिका में शिफ्ट होने के बाद प्रारंभ में शिकागो और बाद में कनेक्टिकट चले गए, जहां राजीव शाह का जन्म हुआ। यहीं पर उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और कार्नवेल यूनिवर्सिटी से स्नातक अध्ययन किया। राजीव शाह जार्ज बुश के कार्यकाल से राष्ट्रपति दफ्तर में रिसर्च असिस्टेंट के बतौर काम कर चुके हैं। 2012 में उन्होंने रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के डिप्टी रिसर्च डायरेक्टर के तौर पर काम किया था।
हिलेरी के खिलाफ कैंपेन में शाह का हाथ
राजीव शाह वर्तमान में रिपब्लिकन नेशनल कमेटी में रिसर्च डायरेक्टर हैं। हाल ही में हुए आम चुनावों में उन्होंने डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन से जुड़ी रिसर्च करने वाली विशेषज्ञ टीम का नेतृत्व किया था। हिलेरी के खिलाफ जो भी कैंपेन राष्ट्रपति चुनावों के दौरान हुए उनके पीछे शाह का ही दिमाग था। शाह अब ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में काम करेंगे। व्हाइट हाउस के भावी चीफ ऑफ स्टाफ राइंस प्रिबस ने कहा कि शाह व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति को अमेरिका की सूरत बदलने के लिए सलाह देंगे।