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साधारण कंप्यूटर प्रोग्रामरों को नहीं मिल पाएगा एच-1बी वीजा, हजारों भारतीयों पर पड़ेगा असर
amarujala.com- Presented by: अमित कुमार
Updated Wed, 05 Apr 2017 09:59 AM IST
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- फोटो : getty
यूएस सिटिजनशिप एंड इम्मिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने डेढ़ दशक से अधिक पुराने दिशानिर्देशों को निरस्त करते हुए एक नया स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसके मुताबिक साधारण कंप्यूटर प्रोग्रामिंग को अब आगे विशेषज्ञ पेशा नहीं माना जाएगा, जो कि एच-1बी वीजा जारी करने के लिए एक अनिवार्य शर्त है। इस आदेश का उन हजारों भारतीयों पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा, जो इस वीजा के लिए आवेदन करते हैं।
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यूएससीआईएस ने कहा है कि शुरुआती स्तर का कंप्यूटर प्रोग्रामर पद साधारणत: विशेषज्ञ पेशे का पद नहीं माना जाएगा। यूएससीआईएस ने 31 मार्च को एक नए नीति ज्ञापन ‘रिसीशन ऑफ द दिसंबर 22, 2000 गाइडेंस मेमो ऑन एच-1बी कंप्यूटर रिलेटेड पोजिशंस’ के जरिए यह स्पष्टीकरण जारी किया है कि विशेषज्ञता पेशा (स्पेशियल्टी ऑक्यूपेशन) किसे माना जाएगा।
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यह निर्देश 22 दिसंबर 2000 को जारी एक पुराने दिशानिर्देश को निरस्त कर उसकी जगह लेगा। इस निर्देश का ऐसे हजारों भारतीयों पर गहरा असर हो सकता है, जो एक अक्तूबर 2017 से शुरू होने वाले अमेरिका के नए वित्त वर्ष के लिए एच-1बी वीजा का आवेदन कर रहे हैं।
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यूएससीआईएस द्वारा एच-1बी वीजा याचिका स्वीकार करना शुरू करने से ठीक एक कार्यदिवस पहले जारी किए गए नीति ज्ञापन ने इस क्षेत्र की लगभग सभी कंपनियों और इम्मिग्रेशन एटॉर्नी को सकते में डाल दिया है।
क्योंकि उनका आवेदन 2000 के दिशानिर्देशों पर आधारित था। यूएससीआईएस ने कहा है कि 2000 में जारी मेमोरेंडम ऑक्यूपेशनल आउटलुक हैंडबुक के 1998-99 और 2000-01 सस्करण पर आधारित था, जो अब अप्रासंगिक हो चुका है।