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बाजार में उतरने को तैयार हैं ‘थ्री डी प्रिंटर’ जूते
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ सेन डियागो
Updated Fri, 16 Sep 2016 06:26 AM IST
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- फोटो : nytimes.com
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अभी तक आपने थ्री डी प्रिंटर तकनीक से शरीर के अंग या मकान आदि बनाने की खबरें पढ़ी होंगी, लेकिन अब फैशन की दुनिया में भी इसे अपनाया जा रहा है। इसके लिए 100 थ्री डी प्रिंटर्स के साथ एक जूता कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह होगी कि आगे चलकर इस तकनीक पर काम करने के लिए किसी बड़े प्लांट की नहीं बल्कि बहुत छोटे से कमरे की जरूरत पड़ेगी।
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ग्राहक को एक जोड़ी जूते के लिए फिलहाल करीब साढ़े तेरह हजार रुपये का मूल्य चुकाना होगा, जो बाद में तकनीक विकास के साथ सस्ता भी हो जाएगा। अमेरिका की ‘फीट्ज’ नामक कंपनी ने प्रत्येक थ्री डी प्रिंटर को स्कूबी-डू या वंडर वूमन जैसे कार्टून कैरेक्टर के नाम पर रखा गया है। हर प्रिंटर की कीमत करीब 3.35 लाख रुपये के आसपास है।
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हाल ही में मात्र 15 कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाली कंपनी की मुख्य कार्यकारी ल्यूसी बिअर्ड ने बताया कि प्रत्येक प्रिंटर अलग आकार के जूते बनाएगा, जहां ऑर्डर पर एक जोड़ी जूता तैयार करने में करीब 12 घंटे का वक्त लगेगा। इन जूतों की बिक्री के लिए कंपनी ने रिटेल श्रंखला बनाने के बजाय ऑनलाइन बुकिंग शुरू की है और अपना लाभांश कुल कीमत का 50 फीसदी रखा है।
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आधुनिक फैशन तकनीक का भारत कनेक्शन
करीब साढ़े तेरह हजार रुपये के एक जोड़ी जूते को रिसाइकल माल के साथ बनाया जाएगा जिसे आरामदायक बनाने के लिए पतला और गद्देदार रखा गया है। ल्यूसी बिअर्ड ने बताया कि तकनीक में सुधार के साथ प्रोडक्शन में तेजी आएगी और कीमत भी कम होगी।
जूतों के थ्री डी प्रिंटर तकनीक से जुड़ी फीट्ज कंपनी में भारतीय मूल के विजित सबनिस की कंपनी ‘खोसला वैंचर्स एंड इंवेस्टर्स’ मुख्य पार्टनर है। खोसला वैंचर्स ने थ्री डी प्रिंटर तकनीक में कदम रखने से पहले अमेरिका में फैशन स्टार्ट-अप शुरू किया था।
विजित ने कहा कि आगे चलकर हमें कंपनी के लिए किसी प्लांट की नहीं बल्कि एक छोटे से कमरे की जरूरत पड़ेगी। इस तरह यह तकनीक पूरी दुनिया में बहुत तेजी से फैल जाएगी।
मोबाइल तकनीक जैसा होगा थ्री डी प्रिंटर फैशन
थ्री डी प्रिंटर फैशन से जुड़े रीबोक कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी उली बेकर ने बताया कि यह तकनीक हर माह सुधार कर रही है। यह सब ठीक वैसा ही है जैसे 1980 में मोबाइल को ब्रीफकेस में रखा जाता था और यह छोटी ईंट के आकार का होता था। लेकिन समय के साथ यह सस्ता भी हुआ और स्मार्टफोन में तब्दील हो गया। आगामी कुछ वर्षों में थ्री डी प्रिंटर फैशन का भी यही हाल होना तय है।
जूतों के थ्री डी प्रिंटर तकनीक से जुड़ी फीट्ज कंपनी में भारतीय मूल के विजित सबनिस की कंपनी ‘खोसला वैंचर्स एंड इंवेस्टर्स’ मुख्य पार्टनर है। खोसला वैंचर्स ने थ्री डी प्रिंटर तकनीक में कदम रखने से पहले अमेरिका में फैशन स्टार्ट-अप शुरू किया था।
विजित ने कहा कि आगे चलकर हमें कंपनी के लिए किसी प्लांट की नहीं बल्कि एक छोटे से कमरे की जरूरत पड़ेगी। इस तरह यह तकनीक पूरी दुनिया में बहुत तेजी से फैल जाएगी।
मोबाइल तकनीक जैसा होगा थ्री डी प्रिंटर फैशन
थ्री डी प्रिंटर फैशन से जुड़े रीबोक कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी उली बेकर ने बताया कि यह तकनीक हर माह सुधार कर रही है। यह सब ठीक वैसा ही है जैसे 1980 में मोबाइल को ब्रीफकेस में रखा जाता था और यह छोटी ईंट के आकार का होता था। लेकिन समय के साथ यह सस्ता भी हुआ और स्मार्टफोन में तब्दील हो गया। आगामी कुछ वर्षों में थ्री डी प्रिंटर फैशन का भी यही हाल होना तय है।