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सेना की पैनी निगाह से घाटी में नहीं बच पाते आतंकी, दो साल में कर दिए जाते हैं ढेरः न्यूयॉर्क टाइम्स

Thu, 02 Aug 2018 03:39 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 02 Aug 2018 03:39 PM IST
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The New York Times facts on Kashmir terrorists can not escape the sight of the army
terrorist
भारतीय सेना के चलते कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट चुकी है। यहां तक कि आतंकी घटनाओं में भी बहुत कमी देखी जा रही है और आंकड़े बता रहे हैं कि आतंकी संगठनों में भी पिछले कुछ सालों में भारी कमी देखी जा रही है। अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक भारत के दबाव में पाकिस्तान अब आतंकियों की पहले जैसी मदद नहीं कर पा रहा है यही नहीं अखबार में यह बी खुलासा किया है कि आतंकी कश्मीर में दो साल से ज्यादा जिंदा नहीं रह पाते हैं। इसकी बहुत बड़ी वजह सुरक्षा बलों का लगातार आतंकियों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान है। बताया जा रहा है कि कश्मीर घाटी में अब 250 आतंकी ही बचे हैं। इनकी संख्या 20 साल पहले 1000 से ज्यादा होती थी। कश्मीर यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर रफी बट को उसके आतंकी बनने के बाद 40 घंटे के अंदर मार गिराया गया।
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"पाकिस्तान में हुए राजनीतिक बदलाव का असर कश्मीर पर जरूर पड़ेगा। यहां लड़ाई छोटी जरूर होगी, लेकिन खून-खराबा बढ़ने की आशंका भी रहेगी। फिलहाल कश्मीर घाटी में सेना के ढाई लाख से ज्यादा जवान, बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स और पुलिसकर्मी तैनात हैं।" न्यूयॉर्क टाइम्स ने कश्मीर वॉर गेट्स स्मालर, डर्टियर एंड मोर इंटिमेट शीर्षक से एक एनालिसिस प्रकाशित किया है।  
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 सीमा पार करना आतंकियों के लिए आसान नहीं 

अखबार ने लिखा है कि सैन्य अधिकारियों का हवाला देते हुए लिखा है कि ज्यादातर आतंकी ऑटोमैटिक हथियारों से मारे जा रहे हैं। फिलहाल 250 आतंकियों में 50 से ज्यादा पाकिस्तान से आए हैं। बाकी स्थानीय निवासी हैं, जिन्होंने अब तक घाटी नहीं छोड़ी।
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रिपोर्ट में आगे बताया गया है, "पुलिस की मानें तो 1990 के दौर में कश्मीरी युवा सीमा पार करके आसानी से पाकिस्तान चले जाते थे। अब ऐसा नहीं है। आतंकियों को अब गोलाबारी की ट्रेनिंग लेने की जगह भी नहीं मिल रही।"


 भारत पाकिस्तान में क्षेत्रीय विवाद नया नहीं है।  कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच क्षेत्रीय विवाद 1947 से चल रहा है। लेकिन पिछले कुछ सालों से बदलते परिवेश पर नजर डालें तो अब यह खुद ही खत्म होने की कगार पर है।  वैसे समय समय पर पाकिस्तान कश्मीर में अस्थिरता लाने के लिए हजारों आतंकियों को भेजा। इसके लिए अभी तक काफी खून-खराबा हो चुका है। दोनों देशों के बीच तीन बार जंग हुई है जबकि आतंकी आम लोगों और सेना को अपना निशाना बनाए रहते हैं। आतंकी वार में अभी तक हजारों जाने जा चुकी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि  कश्मीर अभी भी एशिया का सबसे खतरनाक हिस्सा है।

 
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