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भारत ने यूएन को बताया, दुनिया भर में एड्स को खत्म करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत
एजेंसी, यूनाइटेड नेशन्स
Updated Thu, 14 Jun 2018 06:56 AM IST
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एचआईवी एड्स
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भारत ने कहा है कि दुनियाभर में एड्स महामारी को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है, जिससे उन्नत परीक्षण और उपचार के संयोजन को तेजी से लागू करने के अलावा एचआईवी उपचार के लिए प्रयासों का विस्तार हो सके।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी संदीप कुमार बय्यापू ने मंगलवार को कहा कि समेकित वैश्विक प्रयासों और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबद्धताओं के परिणामस्वरूप महामारी को रोकने में गौर करने लायक प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर एचआईवी से पीड़ित अधिकांश लोगों को अब इलाज मिल रहा है और 2010 के बाद से एड्स के कारण होने वाली मृत्यु के मामलों में एक तिहाई की गिरावट आई है।
वर्ष 2030 तक एड्स महामारी समाप्त करने के लिए एचआईवी और एड्स पर 2016 के राजनीतिक घोषणापत्र के कार्यान्वयन के मामले में दुनिया ने आधा सफर तय किया है। बय्यापू ने कहा कि हम समझ सकते हैं कि सहमति वाले लक्ष्यों को 2020 तक पूरी तरह प्राप्त करने के लिए और अधिक प्रयासों की जरूरत है।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी संदीप कुमार बय्यापू ने मंगलवार को कहा कि समेकित वैश्विक प्रयासों और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबद्धताओं के परिणामस्वरूप महामारी को रोकने में गौर करने लायक प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर एचआईवी से पीड़ित अधिकांश लोगों को अब इलाज मिल रहा है और 2010 के बाद से एड्स के कारण होने वाली मृत्यु के मामलों में एक तिहाई की गिरावट आई है।
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वर्ष 2030 तक एड्स महामारी समाप्त करने के लिए एचआईवी और एड्स पर 2016 के राजनीतिक घोषणापत्र के कार्यान्वयन के मामले में दुनिया ने आधा सफर तय किया है। बय्यापू ने कहा कि हम समझ सकते हैं कि सहमति वाले लक्ष्यों को 2020 तक पूरी तरह प्राप्त करने के लिए और अधिक प्रयासों की जरूरत है।
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