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वोटिंग पर मोदी सरकार के फैसले से विदेशों में रहने वाले भारतीय खुश, फैसले का किया स्वागत

Tue, 08 Aug 2017 02:40 PM IST
एजेंसी, भाषा
एजेंसी, भाषा Updated Tue, 08 Aug 2017 02:40 PM IST
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The excitement among the overseas Indians by the cabinet decision on proxy voting
PM Modi

सरकार द्वारा भारत से बाहर रह रहे लोगों को वोटिंग का अधिकार देने के फैसले का अमेरिका में प्रवासी भारतीयों ने स्वागत किया है। प्रॉक्सी वोटिंग पर कैबिनेट के फैसले से प्रवासी भारतीय खुश हैं। ग्लोबल आर्गेनाइजेशन ऑफ पीपल ऑफ इंडियन ऑरिजिन (जीओपीआईओ) के अध्यक्ष थॉमस अब्राहम ने कहा कि सरकार के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं।

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उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके जैसे कई लोगों के सपने को साकार करेगा। पिछले चार दशकों से अब्राहम के पास ग्रीन कार्ड है लेकिन इसके बावजूद वो भारतीय नागरिक हैं। भारत के निर्वाचन आयोग के मुताबिक भारत से बाहर 1 करोड़ 60 लाख भारतीय नागरिक हैं जिनमें से 70 फीसदी लोग मतदान के काबिल हैं। केवल अमेरिका में ही 8 से 15 लाख भारतीय हैं। इनमें ज्यादातर युवा यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।
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आपको बता दें कि विदेशों में रह रहे भारतीय भी अब सैनिकों की तरह भारतीय चुनाव प्रणाली में हिस्सा ले सकते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) के लिए चुनाव कानून में संशोधन के जरिये प्रॉक्सी वोटिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।यह विधेयक यदि कानून बन जाता है तो एनआरआई को अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए भारत आने की जरूरत नहीं रह जाएगी। 
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एनआरआई को अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए अन्य साधनों की तरह ही प्रॉक्सी वोटिंग की सुविधा देने के लिए जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन करना होगा। फिलहाल एनआरआई और विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने निर्वाचन क्षेत्र में वोट डाल सकते हैं जहां वे पंजीकृत हैं।


लेकिन नए कानून से वे सैनिकों की तरह ही प्रॉक्सी वोटिंग का विकल्प भी चुन सकते हैं। इस मसले पर काम कर रही चुनाव आयोग की विशेषज्ञ समिति ने इससे संबंधित निर्वाचन कानून में संशोधन के लिए 2015 में कानून मंत्रालय को कानूनी प्रस्ताव भेजा था ताकि अप्रवासी भारतीयों को प्रॉक्सी वोटिंग की सुविधा मिल सके।आंकड़े बताते हैं कि अभी तक सिर्फ 10 हजार से 12 हजार एनआरआई ही मतदान करते हैं क्योंकि वे सिर्फ इसके लिए विदेशी मुद्रा खर्च कर भारत आना नहीं चाहते हैं। 

 

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