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सामूहिक विनाश के हथियार आतंकियों तक न पहुंचें
संयुक्त राष्ट्र/एजेंसी
Updated Sat, 29 Sep 2012 10:18 PM IST
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भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि सामूहिक विनाश के हथियार और संवेदनशील टेक्नोलोजी आतंकियों या राष्ट्रविरोधी तत्वों के हाथ न लगने पाए। भारत ने ऐसा न हो इससे बचने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर ‘काउंटर न्यूक्लियर टेररिज्म’ विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में भारत के यूएन में स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के नेतृत्व में आपसी सहयोग बढ़ाने का समर्थन करता है।
पुरी ने कहा कि पिछले तीन दशकों से आतंकवाद का शिकार होने के नाते हम इस तरह के हथियार आतंकवादियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के हाथों पड़ने के खतरे को समझते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस खतरे से निपटने के लिए हाथ मिला लेना चाहिए।
मीरवाइज ने जरदारी से मुलाकात की
हुर्रियत कांफ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारुक ने यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर शुक्रवार शाम पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के वक्त पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, अमेरिका में पाकिस्तान की राजदूत शेरी रहमान और चीन में पाकिस्तानी राजदूत मसूद खान भी मौजूद थे। जरदारी ने इस मौके पर पाकिस्तान के इस रुख को दोहराया कि कश्मीरियों को राजनीतिक, नैतिक और राजनयिक समर्थन जारी रहेगा।
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पुरी ने कहा कि पिछले तीन दशकों से आतंकवाद का शिकार होने के नाते हम इस तरह के हथियार आतंकवादियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के हाथों पड़ने के खतरे को समझते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस खतरे से निपटने के लिए हाथ मिला लेना चाहिए।
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मीरवाइज ने जरदारी से मुलाकात की
हुर्रियत कांफ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारुक ने यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर शुक्रवार शाम पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के वक्त पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, अमेरिका में पाकिस्तान की राजदूत शेरी रहमान और चीन में पाकिस्तानी राजदूत मसूद खान भी मौजूद थे। जरदारी ने इस मौके पर पाकिस्तान के इस रुख को दोहराया कि कश्मीरियों को राजनीतिक, नैतिक और राजनयिक समर्थन जारी रहेगा।
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