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'रुस ने सीरिया को अत्याधुनिक हथियार दिए'
Updated Sat, 18 May 2013 07:54 AM IST
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अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ने सीरिया को परिष्कृत एंटी शिप मिसाइलें दी है।
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समाचार पत्र ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने बिना किसी का नाम लिए अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि भविष्य में अगर सीरिया में विदेशी सैन्य हस्तक्षेप होता है तो वो मुकाबला करने के लिए इन मिसाइलों का इस्तेमाल कर सकता है।
इस ब्यौरे की पुष्टि किए बिना, रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि सीरिया को की गई हथियारों की आपूर्ति में किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम को नहीं तोड़ा गया है।
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ये सारी खबरें उस समय आ रहीं हैं जब सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल किए जाने के कथित सबूत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने इसे "खतरे की घंटी" कहा है।
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रूस, सीरिया के चंद सहयोगी देशों में से एक तो है ही, साथ ही वो सीरिया का प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ता देश भी है। पिछले कुछ सालों में रुस ने अरबों डॉलर की कीमत के हज़ारों टैंक, लड़ाकू जहाज़, हेलीकाप्टरों और रक्षा प्रणालियों को सीरिया के बेचा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में रुस ने सीरिया को अत्याधुनिक मिसाइलें व उन्नत रडार प्रणाली बेची हैं।
रुस के विदेश मंत्री सरगेई लावरोव ने कहा "उन्हें ये समझ नहीं आता कि मीडिया इसे क्यों इतना सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रहा है।"
उन्होंने कहा "हमने कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की है, हमने किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौतों या अपने देश के कानून का उल्लंघन नहीं किया है। हमने अनुबंध के तहत ही सीरिया को हथियारों की आपूर्ति की है।”
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
इस बीच, सीरिया पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने के प्रयास जारी हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने सम्मेलन की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए रुस के विदेश मंत्री लावरोव से मुलाकात की है। सम्मेलन का मकसद राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार और सीरियाई विपक्ष को एक साथ लाना है।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बान की मून ने कहा है कि शांति सम्मेलन की दिशा में विचार विमर्श जारी है, सबसे ज़रुरी है कि धीरज न खोया जाए।
लावरोव का कहना था,"जितनी जल्दी हो सके, बाहरी हस्तक्षेप के बिना सभी सीरियाई पक्षों के साथ बातचीत के ज़रिए ही समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
इसके अलावा, शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि 15 लाख से अधिक सीरियाई शरणार्थियों को पंजीकृत किया गया है लेकिन विस्थापितों की संख्या का सही आंकड़ा कहीं अधिक है।