फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   sucess in making of artificial human ear

कृत्रिम कान बनाने में कामयाबी

Thu, 01 Aug 2013 03:59 PM IST
Updated Thu, 01 Aug 2013 03:59 PM IST
विज्ञापन
sucess in making of artificial human ear

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि वे मरीज की कोशिकाओं की मदद से पूरा का पूरा मानव कान बनाने के करीब पहुंच गए हैं।

विज्ञापन


कोशिका इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए शोधों के तहत अब इंसान या जानवरों की कोशिकाओं से मानव कान बनाना संभव होगा।

बॉस्टन के मैसाच्यूसेट्स जनरल हॉस्पीटल के शोधकर्ताओं के मुताबिक कृत्रिम तौर पर बना कान पूरी तरह से वास्तविक कान जैसा ही होगा।

इस तकनीक के जरिए एक दिन उन लोगों की मदद की जा सकेगी जिनके या तो कान नहीं हैं या फिर कान खराब हो चुके हैं।

कोशिका इंजीनियरिंग चिकित्सा विज्ञान का तेजी से उभरता क्षेत्र है जिसके तहत प्रयोगशालाओं में इंसानी अंगों को विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

उम्मीद की रोशनी
artificial ear
विज्ञापन














अमेरिकी शोधकर्ताओं की टीम अगर कृत्रिम कान को आम प्रयोग में लाने में कामयाब हो जाती है तो इससे निश्चित तौर पर उन लोगों को काफी मदद मिलेगी जो किसी दुर्घटना में अपने कान गंवा चुके हैं या जन्म से कान की अपंगता के शिकार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले शोधकर्ताओं ने बेबी साइज के कृत्रिम कान बनाने में कामयाबी हासिल की थी।

बहरहाल ये नया शोध जर्नल ऑफ द रॉयल सोसायटी इंटरफेस में प्रकाशित हुआ है, जिसमें बताया गया है कि गाय और भेड़ की कोशिकाओं से उन्हें त्रि आयामी वास्तविक इंसानी कान बनाने में कामयाबी मिली है।


वास्तविक होगा कान
इस कान को विकसित करने के बाद उसे चूहे में लगाया गया है।

इस शोध अध्ययन दल के प्रमुख डॉक्टर थॉमस केरवांट्स ने बीबीसी न्यूज को बताया, “हमने चूहे के मॉडल पर पहली बार पूरी तरह वयस्क कान को प्रदर्शित किया है।”

केरवांट्स के मुताबिक यह प्रयोग कई कारणों से बेहद अहम साबित हुआ है। उन्होंने कहा, “हमने देखा कि कान अपने स्वरूप में बढ़ रहा है जो हमने 12 सप्ताह पहले चूहे में लगाया था। दूसरी अहम बात ये है कि कान में प्राकृतिक तौर पर लचीलापन भी देखने को मिल रहा है।”

दरअसल इस प्रयोग के दौरान कोशिकाओं को टाइटेनियम से बने कान की बनावट वाले बॉक्स में विकसित किया गया है।

पांच साल का इंतजार
इस प्रयोग में सैद्धांतिक तौर पर ये भी स्पष्ट हुआ है कि कोशिकाओं को पूरी तरह से इंसानी कान के तौर पर विकसित किया जा सकता है।

डॉक्टर कारवेंट्स कहते हैं, “क्लिनिकल प्रयोग में हम मरीज की कुछ लचीली हड्डी को लेकर उसे इस तरह से विकसित करेंगे कि कान तैयार हो जाए। यह अनुसंधान कोशिका इंजीनियरिंग के जरिए कान बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हुआ है।”

शोध दल के मुखिया डॉक्टर कारवेंट्स ने उम्मीद जताई है कि इस प्रयोग की मदद से आने वाले पांच सालों में मानव का कान बनाना संभव होगा।

मानवों के दूसरे अंगों के लिए बायो इंजीनियरिंग के दूसरे प्रयोग भी तेजी से किए जा रहे हैं।

करीब एक दर्जन मरीजों में कृत्रिम गले की पाइप का प्रतिरोपण किया गया है जबकि प्रयोगशाला में किडनी को भी विकसित किया जा रहा है। एक चूहे में विकसित हो रही किडनी में मूत्र का बनना भी शुरू हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed