{"_id":"5b18b0f64f1c1bb51e8b47bf","slug":"several-muslim-organisations-decided-to-boycott-donald-trump-first-iftar-dinner-in-white-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बार व्हाइट हाउस में होगी इफ्तार पार्टी, जानें क्यों मुस्लिम संगठन करेंगे बहिष्कार","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
पहली बार व्हाइट हाउस में होगी इफ्तार पार्टी, जानें क्यों मुस्लिम संगठन करेंगे बहिष्कार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 07 Jun 2018 09:58 AM IST
विज्ञापन
व्हाइट हाउस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुत से मुस्लिम संगठनों ने निर्णय लिया है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयोजित किए जा रहे पहले इफ्तार पार्टी का बहिष्कार करेंगे। ऐसा इसलिए किया जाएगा क्योंकि ट्रंप मुस्लिम विरोधी राजनीति करते रहे हैं। पिछले साल ट्रंप ने दशकों से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए इफ्तार डिनर को खत्म कर दिया था। यह एक द्विपक्षीय परंपरा है जिसकी औपचारिक तौर पर शुरुआत बिल क्लिंटन ने 1990 में की थी लेकिन लेकिन इसकी वैचारिक जड़े 1805 में थॉमस जेफरसन के समय से जुड़ी मानी जाती हैं।
विज्ञापन
इस हफ्ते की शुरुआत में जब व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की कि ट्रंप इस साल इफ्तार डिनर को होस्ट करेंगे तो बहुत से मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया। अब यह कार्यक्रम बुधवार रात को आयोजित होगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने पत्रकारों को बताया, मुझे लगता है कि इसमें लगभग 30-40 विभिन्न समुदाय के लोग उपस्थित होंगे। वाशिंगटन में अग्रणी मुस्लिम समूह जिन्होंने पिछले प्रशासन के तहत कार्यक्रम में भाग लिया था उनका कहना है कि ट्रंप लगातार इस्लाम और उसे मानने वालों को निशाना बनाते रहे हैं।
विज्ञापन
बहुत से संगठनों ने घोषणा की है कि वह व्हाइट हाउस के बाहर इफ्तार पार्टी का आयोजन करेंगे। एक आयोजक ने अपने बयान में कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और विदेशों में अपने राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान से ही मुस्लिमों के प्रति प्रतिकूल प्रदर्शन किया है। वह लगातार अन-अमेरिकन मुस्लिम और रिफ्यूजी ट्रैवल बैन का समर्थन कर रहे हैं। काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन का कहना है ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिकन मुस्लिमों को कट्टरपंथ की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
वाशिंगटन बेस्ड नागरिक अधिकार संगठन ने कई बार इस्लामोफोबिया और ट्रंप के प्रशासन की नीतियों और नियुक्तियों में जारी नस्लीयता को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। 2016 में चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने प्रतिज्ञा की थी वह मुस्लिमों को अमेरिका के अंदर घुसने नहीं देंगे। अपना कार्यालय संभालने के बाद ट्रंप ने बहुत से मुस्लिम बहुल देशों पर ट्रैवल बैन लगा दिया था और अनिश्चित काल तक के लिए मेरिकी शरणार्थी कार्यक्रम निलंबित कर दिया था।