व्हाइट हाउस: सुरक्षा व्यवस्था में 'हुई चूक'
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अमेरिकी खुफिया विभाग की निदेशक ने माना है कि व्हाइट हाउस की सुरक्षा में पिछले दिनों चूक हुई थी।
19 सितंबर को, व्हाइट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था में तब सेंध लगी थी जब एक शख़्स बिना किसी जानकारी के व्हाइट हाउस के अंदर तक पहुंच गया था।
खुफिया विभाग की निदेशक जूलिया पियर्सन ने इस चूक की जिम्मेदारी लेते हुए अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों को भरोसा दिलाया है कि ऐसी चूक दोबारा नहीं होगी।
उन्होंने हाउस की निगरानी समिति की सुनवाई के बाद कहा, "ये स्पष्ट है कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था ठीक ढंग से काम नहीं कर रही थी।" पियर्सन ने संबोधन में कहा, "मैं पूरी जिम्मेदारी लेती हूं। जो वो हुआ वह अस्वीकार्य है। ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा।"
बीते 19 सितंबर को 42 साल के ओमार गोंजालेज व्हाइट हाउस के बाहर बने घेरे को पार करते हुए लॉन के रास्ते एक खुले हुए दरवाजे से अंदर तक पहुंच गए थे।
ओबामा नहीं थे उस वक्त
इतना ही नहीं गोंजालेज व्हाइट हाउस की पहली मंजिल तक पहुंचने में कामयाब रहे। सुरक्षाकर्मियों ने गोंजालेज को व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में पकड़ा। ईस्ट रूम व्हाइट हाउस का वो हिस्सा है जिसका इस्तेमाल राष्ट्रपति के भाषण देने और औपचारिक समारोहों के लिए होता है।
हालांकि जिस वक्त गोंजालेज व्हाइट हाउस में अनाधिकृत ढंग से घुसने में कामयाब हुए उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनका परिवार व्हाइट हाउस में मौजूद नहीं था। ओबामा उस दिन अपने परिवार के साथ महज 10 मिनट पहले ही हेलिकॉप्टर से निकले थ
पिछले कुछ समय से व्हाइट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था में चूक की खबरें आती रही हैं। मार्च, 2013 में अमेरिकी ख़ुफ़िया विभाग की निदेशक बनीं पियर्सन ने इन चूकों को स्वीकार करते हुए कहा कि कई बार आपातकालीन योजना बनाकर ख़तरे को दूर किया गया।
पियर्सन के मुताबिक खुफिया एजेंट और सुरक्षाकर्मियों ने बीते पांच साल के दौरान व्हाइट हाउस के अंदर अनाधिकृत प्रवेश करने वाले 16 लोगों को पकड़ा है। 2014 में ऐसे छह लोगों को पकड़ा गया है।
इसके अलावा पियर्सन के मुताबिक व्हाइट हाउस के आस-पास सैकड़ों संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई है।
व्हाइट हाउस निगरानी समिति के चेयरमैन और कैलिफ़ोर्निया के रिपिब्लिकन सांसद डेरेल इसा के मुताबिक व्हाइट हाउस दुनिया के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से है लेकिन यहां की सुरक्षा व्यवस्था में चूक से इसकी सुरक्षा करने वाली एजेंसी पर गंभीर सवाल उठते हैं।