फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   S will always stand by Saudi even prince have knowledge of Khashoggi murder

प्रिंस पर ट्रंप की दरियादिली, कहा- खशोगी की हत्या के बावजूद सऊदी के साथ अमेरिका

Wed, 21 Nov 2018 09:39 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 21 Nov 2018 09:39 AM IST
विज्ञापन
S will always stand by Saudi even prince have knowledge of Khashoggi murder
सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान - फोटो : PTI

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के लिए सऊदी अरब के शासकों को जिम्मेदार नहीं ठहराने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सऊदी अरब के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखना और तेल की वैश्विक कीमतों पर लगाम लगाए रखना अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ हित में है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के आलोचक और अमेरिका में रह रहे खशोगी की हत्या को लेकर दुनिया भर में सऊदी अरब और उसके शासकों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी। 


loader

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के लिए सऊदी अरब के शासकों को जिम्मेदार नहीं ठहराने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सऊदी अरब के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखना और तेल की वैश्विक कीमतों पर लगाम लगाए रखना अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ हित में है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के आलोचक और अमेरिका में रह रहे खशोगी की हत्या को लेकर दुनिया भर में सऊदी अरब और उसके शासकों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी। 

अमेरिका ने इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में खशोगी की हत्या में भूमिका के लिये वहां के 17 लोगों पर पिछले सप्ताह प्रतिबंध लगाया था। 

ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसा इसलिए क्योंकि मेरे लिए अमेरिका पहले आता है।’’ उन्होंने कहा कि खशोगी की हत्या के बावजूद अमेरिका अपने हित साधने और उस क्षेत्र में मौजूद इजराइल तथा अन्य सहयोगियों के हितों के लिए सऊदी अरब का मित्र बना रहेगा। ट्रंप ने कहा, ‘‘हमारा महत्वपूर्ण लक्ष्य पूरी दुनिया से आतंकवाद के खतरे को खत्म करना है।’’ 

खशोगी मामले को लेकर ट्रंप के बयान की विपक्ष कटु आलोचना कर रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर डिएन फिन्स्टिन ने कहा, ‘‘मुझे यह जानकार सदमा लगा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के लिए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को कोई सजा नहीं मिलेगी।’’ 

सीनेटर और डेमोक्रेटिक पार्टी के कई अन्य सांसदों ने सऊदी अरब को हथियार बेचने के लिए होने वाले सौदे को रोकने के लिए प्रस्ताव लाने की घोषणा की है। थैंक्सगिविंग की छुट्टियों में फ्लोरिडा जाने से पहले व्हाइट हाउस में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका फैसला ‘अमेरिका पहले है’ के सिद्धांत पर है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सैकड़ों अरब डॉलर के सौदे को यूं ही नहीं छोड़ सकते हैं और उसे रूस और चीन और बाकी सभी के हिस्से में नहीं जाने दे सकते। बेहद साधारण सी बात है.. मेरे लिए ‘अमेरिका पहले’’ है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम सऊदी अरब से संबंध तोड़ लेंगे तो मुझे लगता है कि तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। मैंने उन्हें नीचे रखा है। उन्होंने इसे नीचे रखने में मेरी मदद की है। तुलनात्मक रूप से तेल की कीमतें कम हैं और मैं उसे और नीचे जाते हुए देखना चाहता हूं।’’ 

ट्रंप ने दलील दी, ‘‘मुझे लगता है कि मेरे लिए यह बहुत सरल समीकरण है। मेरा लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और मेरे लिये अमेरिका पहले है।’’  उन्होंने इस संबंध में मानवाधिकार के उल्लंघन को बर्दाश्त करने के आरोपों को भी खारिज किया।

प्रिंस ने दिया था ऑपरेशन का आदेश

जमाल खशोगी
जमाल खशोगी
लापता सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी को लेकर वाशिंगटन पोस्ट की खबर में एक नया खुलासा हुआ था कि पत्रकार को निशाना बनाने के लिए सऊदी के प्रिंस ने ऑपरेशन का आदेश दिया। बता दें खशोगी की मंगेतर ने इस मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद की गुहार लगाई थी।

उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट के जरिए अपील की थी कि वह अपने सिद्दांतों के लिए लड़ते थे। खशोगी इसी अखबार के लिए स्तंभ लिखते थे। वह सऊदी अरब के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर लिखते थे। जिसमें यमन युद्ध की आलोचना, कनाडा के साथ राजनयिक विवाद शामिल है। इन सभी मुद्दों ने प्रिंस मोहम्मद की छवि को नुकसान पहुंचाया।

खशोगी अमेरिकी निवासी थे। उन्होंने सऊदी अरब के राजकुमार सलमान के शासन और उनके बेटे मोहम्मद बिन सलमान के खिलाफ भी कई लेख लिखे थे। आखिरी बार वह 2 अक्तूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास के अंदर जाते हुए देखे गए थे। तुर्की के अधिकारियों के अनुसार उन्हें लगता है कि दूतावास के अंदर खशोगी की हत्या कर दी गई है।
 
अखबार में यह भी कहा गया था कि बीते 7 सालों से अमेरिका में रह रहे खशोगी को लालच देने के लिए सऊदी अधिकारियों ने कई योजनाएं भी बनाई थीं। अखबार में खशोगी के कई दोस्तों द्वारा दिए बयान भी थे। खशोगी के दोस्तों का कहना है कि कई सऊदी अधिकारियों ने खशोगी से संपर्क कर सुरक्षा प्रदान करने और ऊंचे पद पर सरकारी नौकरी देने को भी कहा था। लेकिन उन्होंने शर्त रखी थी कि खशोगी को सऊदी वापस आना होगा। लेकिन उन्हें इन सभी प्रस्तावों पर शक था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed