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चांद से बढ़ती दूरी के कारण पृथ्वी पर लंबे होते जा रहे दिन, 1.4 अरब साल पहले 18 घंटे का होता था दिन
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Wed, 06 Jun 2018 04:06 AM IST
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- फोटो : planet
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चांद के पृथ्वी से दूर जाने के कारण हमारे ग्रह पर दिन लंबे होते चले जा रहे हैं। एक हालिया शोध में यह रोचक जानकारी सामने आई है। शोध में कहा गया है कि 1.4 अरब साल पहले एक दिन केवल 18 घंटे का होता था।
शोध के अनुसार, 1.4 अरब साल पहले चांद अधिक करीब था। हालांकि एक लंबी अवधि के दौरान उसने पृथ्वी के चारों ओर घूमने के अपने तरीके में बदलाव किया। इसी कारण चांद से पृथ्वी की दूरी बढ़ती चली गई। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कांसिन-मैडिसन के प्रोफेसर स्टीफेन मेयर्स ने कहा कि जैसे-जैसे चांद पृथ्वी से दूर जा रहा है वैसे-वैसे धरती एक ‘स्पिनिंग फिगर स्केटर’ की तरह व्यवहार कर रही है जो अपनी बांहें फैलाने के दौरान अपनी गति कम कर लेता है। यह शोध चांद के साथ पृथ्वी के गहरे इतिहास को दोबारा स्थापित करता है। दरअसल ब्रह्मांड में पृथ्वी की गति अन्य ग्रहों से प्रभावित होती है जो उस पर बल डालते हैं।
वैज्ञानिकों ने लाखों वर्षों की अवधि में पृथ्वी की इस गति का अवलोकन किया और इससे वह पृथ्वी तथा चांद के बीच की दूरी और दिन के घंटों का पता लगा पाए। यह शोध ‘प्रोसिडिंग्स ऑफ दी नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में प्रकाशित किया गया।
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शोध के अनुसार, 1.4 अरब साल पहले चांद अधिक करीब था। हालांकि एक लंबी अवधि के दौरान उसने पृथ्वी के चारों ओर घूमने के अपने तरीके में बदलाव किया। इसी कारण चांद से पृथ्वी की दूरी बढ़ती चली गई। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कांसिन-मैडिसन के प्रोफेसर स्टीफेन मेयर्स ने कहा कि जैसे-जैसे चांद पृथ्वी से दूर जा रहा है वैसे-वैसे धरती एक ‘स्पिनिंग फिगर स्केटर’ की तरह व्यवहार कर रही है जो अपनी बांहें फैलाने के दौरान अपनी गति कम कर लेता है। यह शोध चांद के साथ पृथ्वी के गहरे इतिहास को दोबारा स्थापित करता है। दरअसल ब्रह्मांड में पृथ्वी की गति अन्य ग्रहों से प्रभावित होती है जो उस पर बल डालते हैं।
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वैज्ञानिकों ने लाखों वर्षों की अवधि में पृथ्वी की इस गति का अवलोकन किया और इससे वह पृथ्वी तथा चांद के बीच की दूरी और दिन के घंटों का पता लगा पाए। यह शोध ‘प्रोसिडिंग्स ऑफ दी नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में प्रकाशित किया गया।
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