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असाधारण रूप से जटिल है पाकिस्तान से रिश्ताः अमेरिका
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Jan 2017 03:43 PM IST
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फाइलः व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी जोश अर्नेस्ट
- फोटो : Getty Images
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अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रिश्ते को असाधारण रूप से जटिल बताते हुए ओबामा प्रशासन में व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी जोश अर्नेस्ट ने उम्मीद जताई है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाएंगे, ताकि अमेरिका को एक सुरक्षित देश बनाया जा सके।
जोश अर्नेस्ट ने मंगलवार को कहा, 'स्वाभाविक है कि अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते असाधारण रूप से जटिल हैं और वह भी तब जब पाकिस्तान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला होता है।' उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर आतंकवाद का मुकाबला कर सकते हैं, इसमें दोनों देशों का हित है। दुर्भाग्य रूप से पाकिस्तान ही एक ऐसा देश जहां बहुत सारे लोग आतंकवाद से पीड़ित हैं।
अर्नेस्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा निश्चित रूप से इस बात में उम्मीद के साथ दिलचस्पी ले रहे हैं कि अगला प्रशासन पाकिस्तान के साथ सहयोग बढ़ाएगा। उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका, पाकिस्तान में सुरक्षा बढ़ाएगा और इससे अमेरिका को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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अफगानिस्तान पर एक सवाल के जवाब में अर्नेस्ट ने कहा कि यह इस तरह का मामला है जिस पर इतिहासकार अपना ज्यादा समय खर्च कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल का मूल्यांकन किया जा सके।
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जोश अर्नेस्ट ने मंगलवार को कहा, 'स्वाभाविक है कि अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते असाधारण रूप से जटिल हैं और वह भी तब जब पाकिस्तान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला होता है।' उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर आतंकवाद का मुकाबला कर सकते हैं, इसमें दोनों देशों का हित है। दुर्भाग्य रूप से पाकिस्तान ही एक ऐसा देश जहां बहुत सारे लोग आतंकवाद से पीड़ित हैं।
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अर्नेस्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा निश्चित रूप से इस बात में उम्मीद के साथ दिलचस्पी ले रहे हैं कि अगला प्रशासन पाकिस्तान के साथ सहयोग बढ़ाएगा। उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका, पाकिस्तान में सुरक्षा बढ़ाएगा और इससे अमेरिका को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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अफगानिस्तान पर एक सवाल के जवाब में अर्नेस्ट ने कहा कि यह इस तरह का मामला है जिस पर इतिहासकार अपना ज्यादा समय खर्च कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल का मूल्यांकन किया जा सके।
'अफगानिस्तान से आतंक पूरी तरह मिटा नहीं'
उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति पद संभालने के समय ओबामा ने जो वादा किया था वह अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में अल-कायदा से उत्पन्न खतरे पर दोबारा फोकस करने का था। और राष्ट्रपति ओबामा ने इसको लेकर रणनीति बनाई और गृह विभाग की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम, रक्षा विभाग और खुफिया विभाग के साथ मिलकर काम किया।'
प्रेस सेक्रेटरी ने कहा, 'कई सालों के दरम्यान नई क्षमताएं विकसित करने और अलकायदा को लगभग खत्म करने में हमने सफलता हासिल की है। ये वही अलकायदा जिसने अमेरिका को तबाह करने की कोशिशें की।'
अर्नेस्ट ने आगे कहा, 'इन सबके बावजूद दुनिया के इस हिस्से में आतंक का पूरी तरह खात्मा नहीं हो पाया है और अमेरिकी सेना का कुछ हिस्सा हमें सुरक्षित रखने के लिए वहां मौजूद है। और मैं यह भी जानता हूं कि जब आतंकवाद से मुकाबले की बात आती हैं तो नाटो की भूमिका को लेकर भी सवाल होते हैं। मैं कहूंगा कि आपको अफगानिस्तान के अलावा कहीं और देखने की जरूरत नहीं है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि नाटो का योगदान कितना महत्वपूर्ण रहा है।'
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे अगले राष्ट्रपति को आगे संभालना होगा।
प्रेस सेक्रेटरी ने कहा, 'कई सालों के दरम्यान नई क्षमताएं विकसित करने और अलकायदा को लगभग खत्म करने में हमने सफलता हासिल की है। ये वही अलकायदा जिसने अमेरिका को तबाह करने की कोशिशें की।'
अर्नेस्ट ने आगे कहा, 'इन सबके बावजूद दुनिया के इस हिस्से में आतंक का पूरी तरह खात्मा नहीं हो पाया है और अमेरिकी सेना का कुछ हिस्सा हमें सुरक्षित रखने के लिए वहां मौजूद है। और मैं यह भी जानता हूं कि जब आतंकवाद से मुकाबले की बात आती हैं तो नाटो की भूमिका को लेकर भी सवाल होते हैं। मैं कहूंगा कि आपको अफगानिस्तान के अलावा कहीं और देखने की जरूरत नहीं है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि नाटो का योगदान कितना महत्वपूर्ण रहा है।'
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे अगले राष्ट्रपति को आगे संभालना होगा।