फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   raven kaliana child pornography

मां-बाप ने बेटी को पॉर्नोग्राफी में धकेला

Sun, 27 Oct 2013 03:04 PM IST
Updated Sun, 27 Oct 2013 03:04 PM IST
विज्ञापन
raven kaliana child pornography

रेवन कैलियाना को उनके माता-पिता ने चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी के दलदल में धकेल दिया था। जब वो किशोरी थीं तो उनके माता-पिता उन्हें पैसे के लिए पॉर्नोग्राफ़िक तस्वीरों और वीडियो बनाने वालों के पास भेज देते थे।

विज्ञापन


भला हो उनकी उस स्कूल टीचर का जिसे इस बात का अंदाज़ा हो गया कि रेवन के साथ कुछ गड़बड़ है।

आज रेवन ब्रिटेन में रहती हैं। सुरक्षा कारणों से उन्होंने अपना नाम बदल लिया है।

पेशे से वो एक व्यावसायिक कठपुतली कलाकार हैं। वो अपने अनुभवों पर आधारित नाटक का कठपुतली के माध्यम से प्रदर्शन करती हैं।

रेवन अब अपने कठपुतली नाटक से बच्चों के यौन शोषण और मानव तस्करी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाती हैं।

रेवन कहती हैं, "मुझे लगता है कि कठपुतली के माध्यम से मैं लोगों तक अपनी आपबीती सही तरीके से पहुँचा सकूँगी। बच्चों की नज़र से देखने से वयस्कों पर इसका सीधा असर पड़ता है।"
विज्ञापन


रेवन कहती हैं, "सबसे बुरी बात है कि कई बच्चों के घर वाले ही उन्हें इस तरह के कामों में धकेल रहे हैं। लोग ऐसी चीज़ों को गुप्त रखते हैं। मैं चाहती हूँ कि लोगों तक यह जानकारी पहुँचे।"
विज्ञापन
विज्ञापन


आंकड़ें और अनुभव


रेवन मानती हैं कि मीडिया में चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी और देह व्यापार को लेकर काफ़ी कुछ लिखा जाता है लेकिन इन ख़बरों में आंकड़ों पर ज़्यादा जोर होता है।

अपराधियों के ऊपर मुकदमों और उन्हें मिलने वाली सज़ा की ख़बरें तो दिखती हैं लेकिन इन ख़बरों से वो बच्चे या किशोर गायब रहते हैं जो इनके पीड़ित होते हैं। उनकी आवाज़ कहीं न कहीं दब जाती हैं।

रेवन कहती हैं, "कठपुतली में बच्चों की नज़र से कहानी कहने से उन बच्चों का पक्ष सामने आ पाता है।"

रेवन के माता-पिता ने उन्हें चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी बनाने वालों के हाथों शोषित होने दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि खुद उनके माता-पिता इसके बारे में क्या सोचते थे।

रेवन की माँ का मानना था कि उन्हें इसे लेकर ज़रा भी बुरा नहीं लगता।

रेवन कहती हैं, "मेरे माता-पिता को लगता था कि मैं बड़ी होकर यह सब भूल जाऊँगी। उन्हें बस इस बात की चिंता रहती थी कि मैं सही-सलामत घर वापस आ जाऊँ।"

संवेदनशील टीचर


रेवन को स्कूल जाना बहुत पसंद था। वो पढ़ने में काफ़ी अच्छी थीं।

उन्हें चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी से मुक्ति भी एक स्कूल टीचर की वजह से ही मिल पाई।

उस घटना को याद करते हुए वे कहती हैं, "जब मैं एक किशोरी थी मेरी एक टीचर को लगा कि मैं बीमार हूँ क्योंकि मैं बहुत दुबली-पतली थी। उन्होंने जब क्लास के बाद मुझे बुलाया और इसकी वजह पूछी तो मुझे हँसी आ गई क्योंकि मुझे खाना ही नहीं मिलता था। मेरी माँ मेरे लिए खाना खरीदती ही नहीं थी"।

रेवन की माँ उन्हें भूखा रखती थीं। यह सब कुछ करीब दो साल तक चला। इस दौरान उनकी जिंदगी काफ़ी मुश्किल थी।

वह कहती हैं, "उस दौरान मेरी एक दोस्त स्कूल में चिप्स लाती थी। वो डाइटिंग करती थी इसलिए अपने चिप्स मुझे दे देती थी।"

उन टीचर को याद करते हुए रेवन बताती हैं, "वो पूरे दिल से मेरी बात सुनती थीं। मैंने उन्हें बताया कि मेरे घर पर क्या चल रहा है"।

उन्होंने मुझे घर से भागने में और उसके बाद विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने में मेरी मदद की।

अपराधबोध

बचपन के अनुभवों के बारे में रेवन कहती हैं, "मुझे लगता था कि शायद मैं बुरी लड़की हूँ इसलिए मेरे साथ ऐसा हो रहा है।"

रेवन बताती हैं, "कई बार मेरे पिता मुझसे बताते थे कि ये करने पर इतने पैसे मिल जाएंगे।।। दरअसल वो पैसे के लिए मुझे वहां भेजते थे।"

रेवन मानती हैं कि चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी केवल सेक्स से जुड़ा मुद्दा नहीं है बल्कि बच्चों के साथ होने वाली एक जघन्य तरह की हिंसा है।

इसीलिए रेवन ने तय किया कि वो लोगों को इस सबके बारे में शिक्षित करेंगी।

रेवन के माता-पिता ने उनके साथ जो किया उसके बाद वो अब उनके बारे में क्या सोचती हैं?

रेवन कहती हैं, "मेरे मन में उनके लिए दया और करुणा है। कई बार ऐसा होता है कि आप खुद किसी शोषण के शिकार रहे हों और बाद में दूसरों का शोषण कर रहे हों। मेरे परिवार में इस तरह का शोषण पीढ़ीगत है। मेरे माता-पिता भी इस तरह के शोषण के शिकार रहे हैं। मुझे पता है कि उन पर क्या गुजरी है। लेकिन उन्होंने जो अपराध किया है मैं उसके लिए उन्हें ज़िम्मेदार भी मानती हूँ। अब मैं उनसे किसी तरह का संबंध नहीं रखना चाहती।"

कठपुतली कलाकार बनने के सफ़र के बारे में पूछने पर रेवन कहती हैं, "कठपुतली कला में मैं अचानक ही आ गई। ग्रेजुएशन करने के बाद मैंने एक कंपनी ज्वाइन की जो कठपुतली बनाती थी। उनके साथ मैंने पूरे अमेरिका में कठपुतली कार्यक्रम किए। कई साल वहाँ काम करने के बाद मुझे लगा कि मैं कठपुतली के माध्यम से अपनी कहानी सुना सकती हूँ।"

रेवन ने कठपुतली को अपनाने का निर्णय तो कर लिया लेकिन उन्हें लगा कि अमेरिका में अपनी आपबीती सुनाने के बाद वो सुरक्षित नहीं रहेंगी क्योंकि चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी में शामिल लोग बहुत ताकतवर हैं।


इसलिए उन्होंने ब्रिटेन में कठपुतली की शिक्षा देने वाले एक पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रम को चुना।

रेवन कहती हैं, "मैंने ब्रिटेन में एमए पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया जिसमें कठपुतली विशेष विषय था। यहाँ पर मुझे साझीदार मिले जो मेरी कहानी को सामने लाने में मेरी मदद करने को तैयार थे। यहाँ स्टेज शो करने और लोगों की प्रतिक्रिया पाने का अनुभव काफी शानदार रहा।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed