UN में भारत के खिलाफ नवाज शरीफ ने निकाली भड़ास, भारत ने दिया कड़ा जवाब
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकवाद पर छिड़ी बहस में पाकिस्तान का पक्ष रखा। शरीफ ने कहा कि हमारा देश आतंकवाद का सबसे बड़ा पीड़ित देश है।
हमारे हजारों सैनिक इन आतंकी हमलों में मारे गए हैं। हमने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत कदम उठाए हैं। हम विदेशों से प्रायोजित आतंकवाद से पीड़ित हैं।
हम दुनिया में आतंक विरोधी अभियान चलाने में सबसे आगे हैं। नवाज ने आगे कहा कि हम भारत के साथ शांति चाहते हैं। भारत के साथ शांति कश्मीर पर बात किए बिना संभव नहीं है। पैलेट गन से लाखों लोगों ने आंखें गंवाई हैं।
भारत पर मानवाधिकार हनन का आरोप
नवाज शरीफ ने भारत पर मानवाधिकार के हनन का गंभीर आरोप लगाया। महासभा में शरीफ बोले कि कश्मीर में हो रही मौतों की जांच होनी चाहिए। शरीफ ने ये भी कहा कि कश्मीर से भारतीय सेना को हटाया जाना चाहिए।
शरीफ ने साफ किया कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु देश है। भारत पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी हथियार इकट्ठा कर रहे हैं।
नवाज शरीफ ने अपने 19 मिनट के भाषण में 8 मिनट तक सिर्फ कश्मीर पर ही बात की। नवाज ने अपने भाषण में कश्मीर में जनमत संग्रह का भी मुद्दा उठाया।
नवाज शरीफ के आरोप पर भारत का करारा जवाब
नवाज शरीफ के यूएन में अपने भाषण में भारत पर लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने करारा जबाव दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'भारत की एक ही शर्त है कि आतंवाद को खत्म किया जाया। क्या ये स्वीकार्य नहीं है? विकास स्वरूप ने कहा, 'नवाज शरीफ ने यूएन की सबसे ऊंची फोरम में हिजबुल आतंकी बुरहान वानी का महिमामंडन किया। इससे पता चलता है कि आतंकवाद से पाकिस्तान का जुड़ाव कम नहीं हुआ है।'
PM Sharif at #UNGA says India poses unacceptable conditions to dialogue. India's only condition is an end to terrorism. This not acceptable?
— Vikas Swarup (@MEAIndia) September 21, 2016
Pak PM Sharif at #UNGA glorifies Hizbul terrorist Burhan Wani in UN's highest forum. Shows continued Pak attachment to terrorism.
— Vikas Swarup (@MEAIndia) September 21, 2016
नवाज शरीफ आतंकियों के साथ: एमजे अकबर
विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने पाक पीएम नवाज शरीफ के यूएन में दिए भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अकबर ने कहा कि नवाज ने खुद आतंकियों के साथ होने का सबूत दिया है। बातचीत और हथियार साथ नहीं चल सकते।
बुरहान हिजबुल का आतंकी था। बातचीत कर सकते हैं, लेकिन ब्लैकमेल को बरदाश्त नहीं किया जा सकता। शरीफ का बयान आतंकवाद का महिमामंडन है। अकबर ने आगे कहा कि शांति की दिशा में पाकिस्तान ने कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया।
एमजे ने कहा कि आतंकवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति पहले दिन से साफ है।