आईएस के खिलाफ अमेरिका ने तेज की सैन्य कार्रवाई, रूस की तनी भौवें
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सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का खात्मा करने के लिए अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई को तेज कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने यहां दर्जन भर स्पेशल ऑपरेशन ट्रुप के सैनिकों को भेजा है, जो अब आतंकी संगठन से सीधा लोहा लेंगे। हालांकि अमेरिका का यह कदम रूस के साथ उसके झगड़े को बढ़ा सकता है।
ओबामा प्रशासन सीरिया में रूस की कार्रवाई का विरोध करता रहा है। दरअसल अमेरिकी सैनिक सिर्फ आईएस से लड़ रहे स्थानीय सैनिकों को सुझाव देने और आतंकी संगठन के ठिकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई किया करते थे, लेकिन ओबामा के नये फैसले के बाद अमेरिकी सेना पहली बार आईएस से आरपार की लड़ाई भी लड़ेगी।
अमेरिका ने भले ही कम सैनिकों को सीरिया भेजा है, लेकिन यह उसकी तरफ से उठाया गया एक अहम कदम है।
राष्ट्रपति ओबामा अब तक आईएस से सीधी लड़ाई में शामिल होने से इनकार करते रहे हैं। करीब चार साल तक वह इस बात पर बने रहे कि अमेरिकी सेना सिर्फ स्थानीय सेना को सुझाव देगी।
ओबामा ने सीरिया में भेजे दर्जनों सैनिक
ओबामा का थल सेना को सीरिया भेजने का यह प्रयास कूटनीतिक रिश्तों को बेहतर बनाने की तरफ उठाया गया कदम है। अमेरिका सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज करता जा रहा है।
हाल ही में ओबामा ने इराक में 3500 सैनिकों को भेजा है। ओबामा के इस फैसले की विपक्ष ने आलोचना शुरू कर दी है।
सीरिया भेजे जाने वाले सैनिकों की संख्या काफी कम बताने का जवाब देते हुए व्हाइट हाउस ने कहा है कि मुख्यत ये सैनिक कुर्दिश लड़ाकों को सहयोग करेंगे और उन्हें आईएस के खात्मे के लिए सुझाव व परामर्श देंगे।