पाक को सैन्य मदद रोकने के सीनेट के कदम का ओबामा प्रशासन ने किया विरोध
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ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली तीस करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि को रोकने के अमेरिकी सीनेट के कदम का विरोध किया है। ओबामा प्रशासन का मानना है कि इस रोक से भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर बेवजह ही नकारात्मक असर पड़ेगा।
व्हाइट हाउस ने इसे अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ भी बताया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वे नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (एनडीएए-2017) के सख्त खिलाफ है। दरअसल, अमेरिकी सीनेट की समिति ने पिछले महीने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता राशि पर रोक के लिए एक बिल को मंजूरी दी थी। अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान को दी जाने मदद को लेकर वार्षिक बिल में तीन संशोधन किए थे और तीनों संशोधन सर्वसम्मति के साथ पास हो गए थे।
रोक कब तक जारी रहेगी
समिति ने कहा था है कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक अमेरिकी रक्षा मंत्री कांग्रेस के सामने यह प्रमाणित न कर दें कि इस्लामाबाद ने आतंकी समूह हक्कानी नेटवर्क के खात्मे के लिए कठोर कदम उठाए हैं।
सीनेट ने ‘नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (एनडीएए-2017)’ पास किया था। एनडीए-2017 सीनेट के सामने वोटिंग के लिए इस हफ्ते ही पेश किया जाएगा। इसके पेश होते ही अमेरिका द्वारा पाक को दी जाने वाली आर्थिक मदद के नियम कड़े हो जाएंगे।
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है, हमनें आतंकी समूह हक्कानी के नेटवर्क के खात्मे को लेकर कमेटी की चिंताओं के बारे में पाकिस्तान को अवगत करा दिया है। पाकिस्तान से उच्च स्तर पर लगातार बातचीत चल रही है।