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उत्तर कोरिया ने अमेरिका की बिजली गुल करने की दी धमकी
एजेंसी/ वाशिंगटन
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:33 PM IST
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Kim Jong un- Donald Trump
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उत्तर कोरिया ने अब इलेक्ट्रो मैग्नेटिक इम्पल्स (ईएमपी) के हमले से अमेरिका के बिजली ग्रिड को ठप करने की धमकी दी है। इससे लाखों अमेरिकियों खासकर पूर्वी तट पर रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। बिजली सप्लाई बंद करने के अलावा इससे स्वास्थ्य सेवाएं, टेलीफोन सेवाएं, टीवी, इंटरनेट, केबल सेवाएं और परिवहन एवं अन्य नागरिक सुविधाएं भी प्रभावित होंगी।
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अपनी हरकतों से पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ चुके उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी ने ईएमपी हमले की चेतावनी जारी की है। सेंटर फॉर द नेशनल इंटरेस्ट के रक्षा अध्ययन निदेशक हैरी केजियानिस ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि न्यूयॉर्क या वाशिंगटन में एक हफ्ते तक बिजली नहीं रहने पर स्थिति भयावह हो सकती है। इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
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उत्तर कोरिया ईएमपी हमले से यहां की धरती पर बिना गोली-बंदूक चलाए लाखों अमेरिकियों को मारने की क्षमता रखता है। हाइड्रोजन से किए गए ईएमपी हमले में विकिरण का भी खतरा है, जिससे लोगों की जान जा सकती है। जो बचे रहेंगे उनमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी फैल सकती है। यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि बम का आकार कितना बड़ा है और उसे कितनी ऊंचाई पर उसमें विस्फोट किया गया है। ऊंचाई जितनी ज्यादा होगी, असर उतना ज्यादा होगा। मसलन, 250 मील ऊपर से किए गए हमले से अमेरिका के साथ कनाडा और मैक्सिको तक तबाही मचेगी।
कैसे होता है ईएमपी हमला
उपग्रह प्रक्षेपण यान से हाइड्रोजन बम को काफी ऊंचाई पर ले जाकर डेटोनेट किया जाता है। उत्तर कोरिया 2012 और 2015 में ऐसे उपग्रह यान का सफल परीक्षण कर चुका है। इसके लिए किसी गाइडेंस सिस्टम की जरूरत नहीं होती है क्योंकि इसे किसी खास जगह पर नहीं बल्कि एक इलाके के ऊपर गिराना होता है।
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जिनपिंग से बात करेंगे ट्रंप
उत्तर कोरिया के छठे और सबसे बड़े परमाणु परीक्षण से उत्पन्न खतरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से बात करेंगे। इस मसले पर अब तक जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी के राष्ट्रपतियों से वह चर्चा कर चुके हैं। उत्तर कोरिया पर अमेरिका और कड़े प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। मालूम हो कि बीते रविवार को उत्तर कोरिया ने हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण किया है।
हिरोशिमा से 10 गुना ज्यादा ताकतवर था बम
जापान ने कहा है कि रविवार को उत्तर कोरिया द्वारा किया गया परीक्षण हिरोशिमा पर गिराए गए बम से 10 गुना ज्यादा शक्तिशाली था। पहले जापान ने इसे 70-120 किलो टन का बताया था, लेकिन अब इसे 160 किलो टन का बताया जा रहा है। उधर, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि इस परीक्षण से आए भूकंप के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से पता चला है कि उत्तर कोरिया के अब तक के पांच परीक्षणों के मुकाबले रविवार का परीक्षण ज्यादा ताकतवर था। इस हाइड्रोजन बम को लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए दागा जा सकता है, जिनकी जद में अमेरिकी शहर भी आएंगे।