फिर आरोप मुक्त हुआ हत्या आरोपी 'गोरा अफसर'
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न्यूयॉर्क में एक ग्रैंड ज्यूरी ने जुलाई महीने में हुए एक काले निहत्थे व्यक्ति एरिक गार्नर की मौत के मामले में गोरे पुलिस अफसर पर आरोप तय करने से इनकार किया है।
शव परीक्षक के अनुसार पुलिस अफसर ने गार्नर के गले को दबाया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार पुलिसकर्मी किसी का गला नहीं दबा सकते हैं।
अमेरिकी कानून के अनुसार ग्रांड ज्यूरी ये फैसला करती है कि क्या किसी मामले पर अदालत में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं या नहीं। गार्नर परिवार के वकील का कहना है कि वो इस बात से हैरान हैं कि ज्यूरी ने घटना के वीडियो टेप को अनदेखा कर दिया जिसमें पुलिस अफसर को एरिक गार्डर का गला दबाते हुए दिखाया जा रहा है।
लगभग दो हफ्तों के भीतर ये दूसरा मामला है जब किसी काले व्यक्ति की मौत के मामले में ज्यूरी ने गोरे पुलिस अफसर पर आरोप तय न करने का फैसला किया है।
इससे पहले फर्गसन में काले युवक माइकल ब्राउन के मामले में पुलिस अधिकारी डेरेन विल्सन को ज्यूरी ने आरोपमुक्त कर दिया था। इस घटना को लेकर अमेरिका के हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।
'वो इंसान नहीं हैं'
जुलाई महीने में सामने आए इस वीडियो में पुलिस अधिकारी डेनियल पेंटालेओ गार्नर को गिरफ्तार करते देखे जा सकते हैं। वीडियो में अस्थमा से पीड़ित 43 वर्षीय गार्नर चिल्ला रहे हैं, “मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं।”
उन्हें कथित तौर पर ऐसी सिगरेट बेचने के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है जिन पर टैक्स नहीं चुकाया गया है। गार्नर की बेटी एरिका ने बीबीसी को बताया, “गैंड ज्यूरी के लोग इंसान नहीं हैं, उनमें कोई इंसानियत नहीं है।”
न्ययॉर्क के मेयर बिल डे ब्लेसियो का कहना है कि ज्यूरी का फैसला बहुत से लोगों को पसंद नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “पुलिस-समुदाय के संबंध और नागरिक अधिकारी सिर्फ काले लोगों, या युवा लोगों या फिर उन लोगों की समस्या नहीं है जिन्हें पुलिस द्वारा रोका जाता है।”
“ये हर अमेरिकी का मुद्दा है जिसे न्याय की परवाह है।”