{"_id":"59d91b2c4f1c1b97678b48f1","slug":"naxalites-and-separatists-are-playing-in-india-from-the-lives-of-innocent-children-says-un-chief","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत में मासूमों की जिंदगी से खेल रहे नक्सली, अलगाववादी: यूएन ","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
भारत में मासूमों की जिंदगी से खेल रहे नक्सली, अलगाववादी: यूएन
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Sun, 08 Oct 2017 06:38 AM IST
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रमुख ने भारत में अलगाववादियों और नक्सलियों द्वारा बच्चों की भर्ती किए जाने पर चिंता जाहिर की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरेस ने कहा है कि सशस्त्र समूहों और सरकार के बीच हिंसा की घटनाओं से छत्तीसगढ़, झारखंड और जम्मू और कश्मीर क्षेत्र के बच्चे विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
‘चिल्ड्रन इन आर्म्ड कॉन्फलिक्ट’ पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में महासचिव गुतेरेस ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को लगातार सशस्त्र समूह द्वारा बच्चों के इस्तेमाल और नियुक्ति की खबरें प्राप्त हो रही हैं। इसमें नक्सली समूह भी शामिल हैं। ये विशेष रूप से झारखंड और छत्तीसगढ़ में हो रहा है।
विज्ञापन
सरकारी सूचना के अुनसार जम्मू और कश्मीर में सशस्त्र समूहों द्वारा कम से कम 30 स्कूलों को जलाया गया और आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया है। खबरों के मुताबिक सशस्त्र समूह बच्चों को नियुक्त करने के लिए उनका अपहरण कर अभिभावकों को डराते हैं। उसके बाद बच्चे सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और संदेशवाहकों, मुखबिरों और गार्ड के तौर पर बाल दस्तों में सेवाएं देते हैं।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र ने सशस्त्र समूहों द्वारा आत्मघाती हमलों के लिए बच्चों की नियुक्ति और इस्तेमाल पर भी चिंता जताई है। इसमें मदरसे के बच्चे भी शामिल हैं। साल 2016 में विभिन्न स्थानों पर हुए संघर्षों में 8000 से अधिक बच्चे मारे गए और अपंग हो गए।