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नासा के 'मंगल मिशन' से दूसरे ग्रहों के भूकंप को मापने में मिलेगी मदद
एजेंसी/ वाशिंगटन
Updated Fri, 30 Mar 2018 04:54 PM IST
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा मंगल ग्रह की भीतरी सतह का अध्ययन करने के लिए वहां अपना पहला मिशन भेजने के लिए तैयार है। चांद पर भेजे गए अपोलो मिशन के बाद इनसाइट भी नासा का पहला मिशन होगा।
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इसे 5 मई को मंग्रल ग्रह पर भेजने का कार्यक्रम है। यह किसी दूसरे ग्रह की जमीन पर भूकंप को मापने के लिए बनाए गए यंत्र (सिस्मोमीटर) को वहां स्थापित करेगा। इनसाइट के मुख्य शोधकर्ता ब्रूस बैनर्ट ने कहा, ‘इनसाइट एक तरह की वैज्ञानिक टाइम मशीन है जो 4.5 अरब साल पहले मंगल ग्रह के बनने के शुरुआती चरणों के बारे में सूचना लाएगी।
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उन्होंने कहा, ‘इससे हमें यह मालूम चलने में मदद मिलेगी कि पृथ्वी, उसका चंद्रमा और सौर मंडल के अन्य ग्रहों जैसी चट्टानें कैसे बनीं। नासा के अनुसार मंगल ग्रह की आंतरिक सतहों के अध्ययन से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि इसकी सतहें पृथ्वी से किस तरह से अलग हैं।
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नासा ने कहा कि इनसाइट को फिलहाल कैलिफोर्निया में वैंडनबर्ग एयरफोर्स बेस में रखा गया है। इसकी अंतिम तैयारियां चल रही हैं।