नासा को बड़ी कामयाबी, बृहस्पति की कक्षा में पहुंचा जूनो अंतरिक्षयान
- 2.7 अरब किमी की दूरी तय करने के बाद मंगलवार को सफलतापूर्वक किया प्रवेश
- सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है बृहस्पति
- नासा के इस मिशन में 74 अरब 20 करोड़ रुपये से ज्यादा हुए खर्च
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इसके अलावा जूनो सौरमंडल के ग्रहों के बारे में जानकारी हासिल करेगा। यह अंतरिक्षयान करीब डेढ़ साल तक बृहस्पति ग्रह का चक्कर लगाएगा। जूनो के बृहस्पति ग्रह में प्रवेश करने की घोषणा कैलिफोर्निया स्थित नासा के जेट प्रोपल्सन लेबोरेटरी ने की।
जूनो अंतरिक्षयान भारतीय समयानुसार मंगलवार सुबह 9:23 बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार तड़के 03:53 बजे) सफलतापूर्वक बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश किया। इसको पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा के केप केनवरल एयरफोर्स स्टेशन से लांच किया गया था। इस बीच जूनो अंतरिक्षयान ने 2.7 अरब किमी (1.7 अरब मील) की दूरी तय की। इस सफलता के बाद जूनो के मिशन कंट्रोल की टीम खुशी से झूम उठी।
जूनो की सफलता पर गूगल ने भी मनाया जश्न
नासा के प्रमुख जांचकर्ता स्कॉट बोल्टन ने उल्लास से चिल्लाते हुए कहा, ‘हम बृहस्पति में पहुंच गए।’ उन्होंने मिशन कंट्रोल में अपने सहकर्मियों से कहा, ‘आप नासा की सबसे बेहतरीन टीम हैं। आपने नासा के अब तक के सबसे कठिन काम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।’
कैलिफोर्निया के पासाडेना स्थित नासा के जेट प्रोपल्सन लेबोरेटरी के मिशन कंट्रोल के एक कमेंटेटर ने कहा, ‘बृहस्पति ग्रह में स्वागत है।’ जूनो के प्रोजेक्ट मैनेजर रिक्की निबक्केन ने बताया कि जूनो अंतरिक्षयान पूरी तरह से काम कर रहा है। यह अंतरिक्षयान सौर ऊर्ज से संचालित है।
दिग्गज सर्च इंजन गूगल ने भी नासा के जूनो अंतरिक्षयान की कामयाबी का जश्न मनाया। इसके लिए गूगल ने जूनो अंतरिक्षयान के बृहस्पति ग्रह में सफलतापूर्वक प्रवेश करने की तस्वीर को अपने होमपेज डूडल में लगाई। गूगल का यह डूडल लोगों को बृहस्पति ग्रह में मानवीय सफलता का संदेश दे रहा था।