मोदी-ओबामा मुलाकातों से दोनों देशों के रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सोमवार को मुलाकात करेंगे। एक साल के भीतर यह तीसरा मौका होगा, जब दुनिया दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के नेता आमने-सामने होंगे।
भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा के अनुसार मोदी-ओबामा की मुलाकातों से दोनों देशों के बीच रिश्ते को नई गति मिली है। दोनों देश कई क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं।
रिचर्ड ने कहा है कि राष्ट्रपति ओबामा की इस साल की शुरुआत में भारत यात्रा के बाद से रक्षा और वाणिज्य से लेकर स्वच्छ ऊर्जा तक, हर क्षेत्र में रिश्तों का विस्तार हुआ है।
एक साल में तीसरी मुलाकात
मोदी और ओबामा के बीच एक साल के भीतर तीसरी मुलाकात से इस संबंध का महत्व जाहिर होता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि दोनों मुल्क इस रिश्ते को कितना महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा कि कई नए क्षेत्रों में भी सहयोग शुरू हुआ है। रिचर्ड ने अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं नहीं जानता कि हम किसी और देश के साथ भी इतना कर सकते हैं या नहीं।
केरी ने सामरिक और व्यापार वार्ता के बाद यह बात कही थी। रिचर्ड के अनुसार मोदी सरकार व्यापार में सहूलियत को सुधारने के लिए वाकई समर्पित है।
अमेरिकी राजदूत ने मोदी की सिलिकॉन वैली की यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण करार दिया। उन्होंने बताया कि ओबामा को न्यूयॉर्क में मोदी से मुलाकात का बेहद इंतजार है।