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विकीलीक्स मामला: ब्रैडली मैनिंग जासूसी के दोषी
Updated Wed, 31 Jul 2013 01:08 AM IST
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विकीलीक्स को खुफिया दस्तावेज़ लीक करने का आरोप झेल रहे अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को 'शत्रु की मदद करने' के सबसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया गया है।
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लेकिन 25 वर्षीय मैनिंग को जासूसी समेत 20 अन्य आरोपों में दोषी पाया गया है। ब्रैडली मैनिंग ने विकीलीक्स को दस्तावेज़ लीक करने की बात स्वीकार कर ली थी।
लेकिन उनका ये भी कहना था कि उन्होंने ऐसा सिर्फ़ इसलिए किया था ताकि अमेरिका की विदेश नीति पर बहस हो सके।
इसे अमेरिकी सरकारी ख़ुफ़िया जानकारी लीक करने का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा था। मैनिंग को इस मामले में 100 साल से भी ज़्यादा की सज़ा हो सकती है।
सज़ा के मामले में सुनवाई बुधवार से शुरू होगी। जासूसी के कई आरोपों के अलावा उन्हें चोरी के पांच मामलों, कंप्यूटर धोखाधड़ी के एक मामले और सैन्य अपराध के कई मामलों में भी दोषी पाया गया है।
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गिरफ़्तारी
मैनिंग को मई 2010 में गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तारी के वक्त वह इराक़ में तैनात थे। अमेरिका भेजे जाने से पहले मैनिंग कई हफ़्तों तक कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने के कैम्प एरीफजैन में हिरासत में रहे थे।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील मेजर एश्डेन फीन ने कहा था कि ब्रैडली मैनिंग ने सुनियोजित तरीके से हजारों गुप्त सरकारी दस्तावेजों को विकीलीक्स को उपलब्ध कराया था।
मेजर एश्डेन ने अदालत से कहा कि खुफिया विश्लेषक होने के नाते मैनिंग को पता होना चाहिए था कि उन्होंने जो दस्तावेज लीक किए थे वे अल-कायदा के पास भी पहुंच सकते थे।
अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए हैं उनसे अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है जिसके कारण अमेरिकी नागरिकों, विदेशी खुफिया कर्मचारियों और कूटनीतिज्ञों के जीवन को खतरा बढ़ गया।
मेजर फीन ने कहा कि इनमें से कुछ दस्तावेज आखिरकार ओसामा बिन लादेन तक पहुंच भी गए थे।
लेकिन मैनिंग के वकील डेविड कूम्ब ने कहा था कि मैनिंग ने “किसी दुर्भावना के बिना” यह कार्य किया था इसलिए उनके ऊपर 'शत्रु की मदद' का आरोप न्यायोचित नहीं है।
सैन्य नीति पर 'बहस'
फरवरी में मुकदमे से पूर्व हुई सुनवाई में दिए गए अपने लंबे बयान में मैनिंग ने कहा था कि उन्होंने अमेरिका की विदेश और सैन्य नीति पर बहस करने के लिए दस्तावेज लीक किए थे।
मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए थे उनमें अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर से इराक की राजधानी बग़दाद में किए एक हमले का विस्तृत विवरण था। 2007 में हुए इस हमले में करीब एक दर्जन लोग मारे गए थे। मारे गए लोगों में समाचार एजेंसी रॉयटर्स का एक पत्रकार भी शामिल था।
मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए थे उनमें इराक और अफगानिस्तान युद्ध की 4,70,000 रिपोर्टें और अमेरिकी सरकार एवं उसके विभिन्न दूतावासों के बीच हुए 2,50,000 गुप्त पत्राचार शामिल हैं।