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अब अमेरिका में स्टेशनों पर चलते-चलते होगी लोगों की बॉडी स्कैनिंग, लाइन में लगने की जरूरत नहीं
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 17 Aug 2018 02:22 PM IST
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आम तौर पर लोगों को रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और हवाईअड्डों पर चेकिंग के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसका कारण है चेकिंग के दौरान लगने वाला समय। अगर भीड़ ज्यादा हो तो लोगों को काफी देर तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर को अब इन परेशानियों से मुक्ति मिल गई है। अब वहां चेकिंग के दौरान लोगों को लाइन में लगने की कोई जरूरत नहीं होगी।
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दरअसल, लॉस एंजिलिस ने अपने सभी रेलवे स्टेशनों और सबवे को मेटल डिटेक्टर तकनीक से लैस बना दिया है। इस तकनीक की खासियत ये है कि स्टेशन या सबवे पर जैसे ही कोई यात्री दाखिल होगा, वो मेटल-नॉन मेटल डिटेक्टर रे के प्रभाव में आ जाएगा और डिटेक्टर चलते-चलते ही उनका पूरा शरीर स्कैन कर लेगा। अब तक इस तकनीक का इस्तेमाल किसी भी देश या शहर में नहीं किया गया था। लॉस एंजिलिस दुनिया का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां राह चलते लोगों का शरीर स्कैन हो जाएगा।
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इस मेटल डिटेक्टर में संदिग्ध सामान ले जा रहे शख्स की 30 फीट दूर से ही पहचान कर लेने की क्षमता है। स्टेशन के अंदर सीढ़ियां चढ़ते, दुकान पर कुछ खरीदारी करते या किसी कोने में खड़े व्यक्ति के पास अगर कोई संदिग्ध सामान है, तो तुरंत ही अलार्म बज उठेगा, जिससे सुरक्षाकर्मी सतर्क हो जाएंगे और संदिग्ध को पकड़ लेंगे। यह स्कैनिंग सिस्टम एक घंटे में 2 हजार लोगों का शरीर स्कैन कर सकता है।
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लॉस एंजिलिस के मेट्रो सुरक्षा प्रमुख एलेक्स विगिन्स ने बताया कि इस तकनीक के इस्तेमाल से आतंकी हमलों को रोकने में काफी मदद मिलेगी, क्योंकि यह स्टेशनों से 30 फीट की दूरी पर खड़े संदिग्ध व्यक्ति या संदिग्ध वस्तु की पहचान कर लेगा और सुरक्षाकर्मियों के पास अलार्म बज जाएगा। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर स्क्रीन भी लगी रहेगी, जहां हर व्यक्ति की बॉडी स्कैनिंग इमेज को देखा जा सकेगा। इसके अलावा लोगों को चेकिंग के लिए लाइन में भी लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।