{"_id":"39c57e55325eca250cf3e0ef0bde19be","slug":"labuor-court-fines-to-american-company-to-underpay-indians-hindi-news-ar","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीयों को कम वेतन देने पर जुर्माना","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
भारतीयों को कम वेतन देने पर जुर्माना
Updated Sat, 25 Oct 2014 12:04 PM IST
विज्ञापन
अमरीका के श्रम विभाग ने सिलिकॉन वैली की एक कंपनी को भारत के आठ कर्मचारियों को कम वेतन देने के आरोप में दंडित किया है।
विज्ञापन
कैलिफोर्निया स्थित कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स फॉर इमेजिंग ने कर्मचारियों को 1.21 डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से वेतन दिया।
उन्होंने प्रति सप्ताह ओवरटाइम न मिलने के बावजूद 122 घंटे काम किया।
कंपनी का कहना है कि उसने गैर इरादतन तरीके से न्यूनतम वेतन और ओवरटाइम के क़ानून को नज़रअंदाज़ किया। उस समय कैलिफोर्निया में न्यूनतम वेतन आठ डॉलर प्रति घंटा था।
'खून चूसने वाले'
सिलिकॉन वैली में हजारों भारतीय काम करते हैं और उनमें से कई की अपनी स्टॉर्ट अप कंपनियां भी हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक अब इलेक्ट्रॉनिक्स फॉर इमेजिंग को पिछले वेतन के रूप में क़रीब 43 हजार डॉलर और साथ ही जुर्माना भी चुकाना होगा।
आठ कर्मचारियों को एक विशेष प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए तब बुलाया गया था जब कंपनी ने अपना मुख्यालय फोस्टर सिटी से फ्रेमोंट स्थानांतरित किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने भारतीय कर्मचारियों को रुपयों में वही वेतन देना जारी रखा, जो उन्हें बंगलुरु में मिलता था।
अमरीकी कानूनों के तहत विदेशी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और अधिकतम 40 घंटे प्रति सप्ताह काम लेना अनिवार्य है।
श्रम विभाग के सहायक जिला निदेशक माइकल ईस्टवुड ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से कहा, "अब तक मैंने लॉस एंजेल्स में कामगारों का खून चूसने वाले जितने भी कारखाने देखे हैं, यहां उनसे भी खराब स्थिति है।"
विज्ञापन