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अमेरिका: हज़ारों लोगों को सर्दी से बचाना चुनौती
Updated Mon, 05 Nov 2012 10:21 AM IST
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न्यूयॉर्क के नेताओं ने कहा है कि जिन हज़ारों लोगों के घर हाल में आए तूफान सैंडी में क्षतिग्रस्त हो गए, उन्हें घरों की जरूरत होगी क्योंकि जल्द ही सर्दी का मौसम आ रहा है। गवर्नर एंड्रयू क्यूओमो ने कहा कि जिन घरों में गर्म रखने वाली हीटिंग की व्यवस्था नहीं होगी, वहां नहीं रहा जा सकता क्योंकि ठंड बहुत ज्यादा होती है। वहीं न्यूयॉर्क के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग ने कहा कि 30 से 40 हजार लोगों को मदद की जरूरत है।
29 अक्टूबर को अमरीका के पूर्वोत्तर हिस्से से टकराए तूफान सैंडी के कारण कम से कम 106 लोग मारे गए। इनमें से 40 लोग अकेले न्यूयॉर्क शहर में मारे गए। क्यूओमो ने रविवार को एक प्रेंस कांफ्रेंस में कहा कि जिन लोगों ने अपने घर छोड़ने से इनकार कर दिया है, उनके सामने कोई अन्य विकल्प नहीं होगा। उन्होंने ये भी कहा कि सोमवार को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर ज्यादा दबाव होगा क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने दफ्तर जाएंगे और कई दिनों तक बंद रहने के बाद स्कूल भी दोबारा खुल रहे हैं।
बढ़ती सर्दी
पेट्रोल की किल्लत की समस्या धीरे-धीरे दूर हो रही है लेकिन क्यूओमो ने लोगों से अपील की है कि वो पेट्रोल को जमा करके न रखें क्योंकि जल्द ही नई आपूर्ति उन तक पहुंचने वाली है। न्यूयॉर्क में शहर प्रशासन ने उन इलाकों में बसेरे बनाए हैं जहां बिजली बहाल नहीं हो पाई है। साथ ही उन लोगों को कंबल दिए जा रहे हैं जो बिजली न होने के बावजूद अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
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लेकिन ब्लूमबर्ग ने ऐसे लोगों से फिर अपने घरों से बाहर निकलने को कहा है। उन्होंने कहा, "सर्दी के कारण आपकी मौत हो सकती है। मोमबत्ती या घर को गर्म करने के लिए स्टोव जलाते समय आग लगने से भी आपकी मौत हो सकती है।" रविवार को वहां तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहा और मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को पारा गिर कर शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे तक जा सकता है।
न्यूयॉर्क के मेयर ने कहा, “अगर आपको नहीं पता है कि आपको कहाँ जाना है तो बाहर सड़क पर निकल आइए और बस इतना कहिए कि मैं कहां जाऊं। वे आपकी मदद करेंगे। लेकिन हमें ये सुनिश्चित करना है कि कुछ दिनों तक आप सुरक्षित रहें, आपको खाना मिला और पानी मिले।”
चुनाव तैयारियां प्रभावित
गवर्नर ने बताया कि न्यूयॉर्क में सात लाख 30 हजार लोगों के यहां अब भी बिजली नहीं है। इनमें न्यूयॉर्क सिटी के एक लाख तीस हजार लोग भी शामिल हैं। पड़ोसी राज्य न्यूजर्सी में भी दस लाख लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ रहा है जबकि पेट्रोल भी सीमित मात्रा में मिल रहा है। तूफान सैंडी के कारण अमरीका में मंगलवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं। न्यूजर्सी में तूफान से बेघर हुए लोग अपना वोट ईमेल या फैक्स के जरिए भी दे सकते हैं। वहीं ब्लूमबर्ग का कहना है कि न्यूयॉर्क के अधिकारी पूरी कोशिश करेंगे कि लोग अपने वोट दे पाएं।
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29 अक्टूबर को अमरीका के पूर्वोत्तर हिस्से से टकराए तूफान सैंडी के कारण कम से कम 106 लोग मारे गए। इनमें से 40 लोग अकेले न्यूयॉर्क शहर में मारे गए। क्यूओमो ने रविवार को एक प्रेंस कांफ्रेंस में कहा कि जिन लोगों ने अपने घर छोड़ने से इनकार कर दिया है, उनके सामने कोई अन्य विकल्प नहीं होगा। उन्होंने ये भी कहा कि सोमवार को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर ज्यादा दबाव होगा क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने दफ्तर जाएंगे और कई दिनों तक बंद रहने के बाद स्कूल भी दोबारा खुल रहे हैं।
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बढ़ती सर्दी
पेट्रोल की किल्लत की समस्या धीरे-धीरे दूर हो रही है लेकिन क्यूओमो ने लोगों से अपील की है कि वो पेट्रोल को जमा करके न रखें क्योंकि जल्द ही नई आपूर्ति उन तक पहुंचने वाली है। न्यूयॉर्क में शहर प्रशासन ने उन इलाकों में बसेरे बनाए हैं जहां बिजली बहाल नहीं हो पाई है। साथ ही उन लोगों को कंबल दिए जा रहे हैं जो बिजली न होने के बावजूद अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
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लेकिन ब्लूमबर्ग ने ऐसे लोगों से फिर अपने घरों से बाहर निकलने को कहा है। उन्होंने कहा, "सर्दी के कारण आपकी मौत हो सकती है। मोमबत्ती या घर को गर्म करने के लिए स्टोव जलाते समय आग लगने से भी आपकी मौत हो सकती है।" रविवार को वहां तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहा और मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को पारा गिर कर शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे तक जा सकता है।
न्यूयॉर्क के मेयर ने कहा, “अगर आपको नहीं पता है कि आपको कहाँ जाना है तो बाहर सड़क पर निकल आइए और बस इतना कहिए कि मैं कहां जाऊं। वे आपकी मदद करेंगे। लेकिन हमें ये सुनिश्चित करना है कि कुछ दिनों तक आप सुरक्षित रहें, आपको खाना मिला और पानी मिले।”
चुनाव तैयारियां प्रभावित
गवर्नर ने बताया कि न्यूयॉर्क में सात लाख 30 हजार लोगों के यहां अब भी बिजली नहीं है। इनमें न्यूयॉर्क सिटी के एक लाख तीस हजार लोग भी शामिल हैं। पड़ोसी राज्य न्यूजर्सी में भी दस लाख लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ रहा है जबकि पेट्रोल भी सीमित मात्रा में मिल रहा है। तूफान सैंडी के कारण अमरीका में मंगलवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं। न्यूजर्सी में तूफान से बेघर हुए लोग अपना वोट ईमेल या फैक्स के जरिए भी दे सकते हैं। वहीं ब्लूमबर्ग का कहना है कि न्यूयॉर्क के अधिकारी पूरी कोशिश करेंगे कि लोग अपने वोट दे पाएं।