अफगानिस्तान-पाकिस्तान में युवाओं की भर्ती कर रहा IS: अमेरिका
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान और अफगानिस्तान में युवाओं की भर्ती कर रहा है। यह दावा किया है अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन ने। टिलर्सन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आईएस पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इराक व अन्य कई जगहों से युवाओं की भर्ती करना चाहता है।
बुधवार को वॉशिंगटन में 10वीं वैश्विक गठबंधन मंत्रीय बैठक में बोलते हुए टिलर्सन ने कहा कि आईएस अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए नई योजनाएं बना रहा है। उन्होंने सीरिया के शरणार्थियों को आश्रय देने के लिए मध्य पूर्व में एक सुरक्षित क्षेत्र स्थापित करने का भी संकेत दिया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका आईएसआईएस और अल कायदा पर दबाव बढ़ाएगा और संघर्ष विराम के माध्यम से क्षेत्र में स्थिरिता स्थापित करने के लिए भी काम करेगा ताकि शरणार्थियों को घर वापस जाने की अनुमति मिल सके।
उन्होंने कहा कि जब से अमेरिका और उसके सहयोगियों ने आईएस की मध्य पूर्व में कमर तोड़ी है तब से वह खुद को मजबूत करने के नए तरीके ढूंढ़ रहा है। लड़ाकुओं की भर्ती करने के लिए आईएस अब नए ठिकाने भी तलाश रहा है।
पाकिस्तान वैश्विक गठबंधन का सदस्य नहीं
टिलर्सन ने कहा कि आईएस के खिलाफ 68 सदस्यीय वैश्विक गठबंधन इतिहास में सबसे बड़ा है और इराक और सीरिया में उसके 23 सहयोगियों में 9,000 से अधिक सैनिक हैं जो आईएस आतंकवादियों को हराने के प्रयास में लगे हैं। चूंकि पाकिस्तान सदस्य नहीं है, यह मंत्री सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ।
आईएस के खिलाफ 68 सदस्यीय वैश्विक गठबंधन इतिहास में सबसे बड़ा है। इराक और सीरिया में उसके 23 सहयोगियों के 9000 से अधिक सैनिक हैं जो आईएस आतंकवादियों को हराने के प्रयास में लगे हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान वैश्विक गठबंधन का सदस्य नहीं है इसलिए वह मंत्री सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ।
बैठक में शामिल अफगान विदेश मंत्री सलाहाउद्दीन रब्बानी ने तालिबान और आईएस से लड़ने के लिए अमेरिका से और सेना भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने अफगानिस्तान में आतंकी घटनाओं के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि पाकिस्तान ने भी अफगानिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया। पाकिस्तान का कहना है कि उसने सीमा के अपने पक्ष में आतंकवादी ठिकानों को खत्म कर दिया है, लेकिन अफगानिस्तान ने टीटीपी आतंकवादियों को आश्रय देना जारी रखा है।