आईएस को हराने में मदद कर सकता है ईरान
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अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा है कि अमरीका के नेतृत्व में बने सैन्य गठबंधन में आमंत्रित नहीं किए जाने के बावजूद ईरान इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों से लड़ने में अपनी भूमिका अदा कर सकता है।
पिछले हफ्ते अमरीका ने कहा था कि 'सीरिया और अन्य जगहों पर संबद्ध' होने के कारण ईरान का इस गठबंधन में शामिल होना उचित नहीं होगा।
इराक़ और सीरिया के बड़े हिस्से पर इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों का नियंत्रण है जिनके ख़िलाफ़ अमरीका और फ्रांस दोनों ने हवाई हमले किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जॉन कैरी ने कहा कि इस्लामिक स्टेट को ख़त्म करने के लिए बना गठबंधन सिर्फ सैन्य गठबंधन नहीं है।
जॉन कैरी ने कहा, ''इसमें लगभग हर देश के लिए एक भूमिका है जिसमें ईरान भी शामिल है।''
ईरान का नजरिया
इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा था कि इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ लड़ने के लिए अमरीका के साथ सहयोग को वे व्यक्तिगत तौर पर खारिज करते हैं।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, खामनेई ने कहा था, ''मुझे ऐसे किसी देश के साथ सहयोग करने की कोई वजह नजर नहीं आती जिसके हाथ गंदे और इरादे संहेदास्पद हैं।''
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने भी चेतावनी दी है कि हवाई हमलों से इस्लामिक स्टेट की खतरनाक प्रवृत्ति को नष्ट नहीं किया जा सकता है।