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अमेरिकी ड्रोन पर ईरान का 'कब्जा'
बीबीसी हिंदी
Updated Tue, 04 Dec 2012 06:12 PM IST
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ईरानी सेना ने एक अमेरिकी ड्रोन विमान को अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि यह मानवरहित ड्रोन विमान है जो खाड़ी जलक्षेत्र के ऊपर चक्कर लगा रहा था। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि उन्होंने एक स्कैनईगल एयरक्राफ्ट को कब्जे में लिया है, जो छोटा और कम आधुनिक ड्रोन विमान है।
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स्कैनईगल की वेबसाइट के मुताबिक यह ड्रोन चार फ़ीट लंबा होता है और इसके पंख 10 फीट तक की जगह लंबे होते हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के रियर एडमिरल अली फादवी ने ईरानी न्यूज एजेंसी फ़ार्स को बताया है कि ये ड्रोन विमान पिछले कई दिनों से खाड़ी जलक्षेत्र के इलाके में जासूसी कर रहा था।
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अमेरिका की चुप्पी
इस पूरे मसले पर अभी तक अमेरिका ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि अमेरिकी नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान के दावों की ख़बर मिल चुकी है और हम इस पर नजर बनाए हुए हैं।
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स्कैनईगल ड्रोन अपेक्षाकृत सस्ता होता है और इसे बोइंग की सहयोगी कंपनी इंसिटु बनाती है। ईरानी सेना के रियर एडमिरल फादवी ने कहा कि ऐसे ड्रोन विमान अमूमन बड़े युद्धपोत विमानों पर तैनात किए जाते हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ईरानी सेना का वह खास महकमा है जिसके जिम्मे नौ सेना की ज़िम्मेदारी है।
क्या बढ़ेगा विवाद?
दरअसल पिछले महीने ईरान के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत मोहम्मद खाजेई ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून को खत लिखकर बताया था कि अमेरिकी विमान लगतार ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं जो गैरकानूनी और भड़काने वाला कदम है।
खाजेई के दावों के मुताबिक अक्टूबर में कम से कम सात बार अमेरिकी विमान ईरान की सीमा में बुशर इलाके में चले आए थे, जहां ईरान का इकलौता परमाणु ऊर्जा केंद्र है। अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा समय में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद चल रहा है। अमेरिका और उसके मित्रों का कहना है कि ईरान यहां परमाणु बम बना रहा है जबकि ईरान का कहना है कि यह कार्यक्रम शांति उद्देश्यों के लिए है।