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भारत आएं अमेरिकी कंपनियां: बीके चतुर्वेदी
वाशिंगटन/एजेंसी
Updated Fri, 28 Sep 2012 12:47 AM IST
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भारत के ढांचागत क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों और निवेशकों के लिए काफी अवसर मौजूद हैं, ये कहना है योजना आयोग के सदस्य बीके चतुर्वेदी का। चतुर्वेदी ने भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा शिकागो में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान देश के ढांचागत क्षेत्र में निवेश के बड़े अवसरों के बारे में बताया। चतुर्वेदी ने कहा कि भारत का ढांचागत क्षेत्र तेजी से तरक्की की ओर अग्रसर है, इस क्षेत्र में अगले पांच सालों में दस खरब डॉलर का निवेश होने का अनुमान है।
इस क्षेत्र में मौके ज्यादा और जोखिम काफी कम है, लिहाजा अमेरिकी निवेशकों को भारत के बाजार पर भरोसा रखते हुए इस क्षेत्र में कदम बढ़ाने चाहिए। वाणिज्य दूतावास के अलावा इस आयोजन में फिक्की, यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल और शिकागो काउंसिल ऑफ ग्लोबल अफेयर्स की भी भागीदारी थी।
निवेश के फायदे गिनाने के साथ ही योजना आयोग के सदस्य ने इस तथ्य का भी उल्लेख किया कि ये अनुमान मध्यम व लंबी अवधि वाले निवेश के हिसाब से लगाया गया है, एक या दो निवेश या फिर छोटी अवधि के निवेशों से फायदे का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इस मौके पर अमेरिका में भारत की राजदूत की निरूपमा राव भी मौजूद थीं।
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राव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में निजी-सरकारी भागीदारी के तहत कुल निवेश में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को 12 वीं योजना के दौरान 40 से 50 फीसदी किया गया है। समारोह में मौजूद पैनल सदस्यों ने देश के ढांचागत क्षेत्र से जुड़ी सफलताओं को अमेरिकी निवेशकों और कारोबारियों के समक्ष रखा।
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इस क्षेत्र में मौके ज्यादा और जोखिम काफी कम है, लिहाजा अमेरिकी निवेशकों को भारत के बाजार पर भरोसा रखते हुए इस क्षेत्र में कदम बढ़ाने चाहिए। वाणिज्य दूतावास के अलावा इस आयोजन में फिक्की, यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल और शिकागो काउंसिल ऑफ ग्लोबल अफेयर्स की भी भागीदारी थी।
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निवेश के फायदे गिनाने के साथ ही योजना आयोग के सदस्य ने इस तथ्य का भी उल्लेख किया कि ये अनुमान मध्यम व लंबी अवधि वाले निवेश के हिसाब से लगाया गया है, एक या दो निवेश या फिर छोटी अवधि के निवेशों से फायदे का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इस मौके पर अमेरिका में भारत की राजदूत की निरूपमा राव भी मौजूद थीं।
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राव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में निजी-सरकारी भागीदारी के तहत कुल निवेश में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को 12 वीं योजना के दौरान 40 से 50 फीसदी किया गया है। समारोह में मौजूद पैनल सदस्यों ने देश के ढांचागत क्षेत्र से जुड़ी सफलताओं को अमेरिकी निवेशकों और कारोबारियों के समक्ष रखा।