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अमेरिका में ग्रीन कार्ड कोटा खत्म करने से भारतीयों को होगा फायदा
Thu, 03 Jan 2019 05:26 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 03 Jan 2019 05:26 AM IST
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ग्रीन कार्ड
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अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए पहले से तय सभी देशों का कोटा खत्म होने से अमेरिकी श्रम बाजार में मौजूदा भेदभाव खत्म होगा, लेकिन साथ ही अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए भारतीयों और चीनियों की संख्या में भी इजाफा होगा। अमेरिकी संसद की हालिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है। ग्रीन कार्ड अप्रवासी नागरिकों को स्थायी रूप से अमेरिका में रहने और वहां काम करने की अनुमति देता है।
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मौजूदा आव्रजन नीति के तहत ग्रीन कार्ड आवंटन में सात प्रतिशत कोटे से सबसे ज्यादा नुकसान अत्यधिक कुशल पेशेवर भारतीयों को होता है और उन्हें एच-1 बी वीजा पर अमेरिका में काम करना होता है। अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र अध्ययन शाखा सीआरएस का कहना है कि अगर रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड या कानूनी स्थायी निवासी दर्जा (एलपीआर) जारी करने में कोटा खत्म कर दिया जाता है, तो इन्हें पाने के लिए भारतीय और चीनी नागरिकों के आवेदनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इन्हें निपटाने में बहुत समय लगेगा।
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सीआरएस विभिन्न मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करती है, जिसके आधार पर सांसद पूरी जानकारी लेकर फैसला करते हैं। ‘स्थायी रोजगार आधारित और देश आधारित कोटा’ शीर्षक वाली यह रिपोर्ट 21 दिसंबर, 2018 की है। गौरतलब है कि कई सांसद ग्रीन कार्ड और एलपीआर जारी करने में देश आधारित कोटे को खत्म करने संबंधी प्रस्ताव लाने का विचार कर रहे हैं।
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तीन लाख से ज्यादा भारतीयों इंतजार में
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईसी) के मुताबिक, अप्रैल, 2018 से 3,06,601 भारतीय ग्रीन कार्ड पाने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रीन कार्ड के लिए कुल 3,95,025 विदेशियों ने आवेदन किया है, जिनमें से 78 फीसदी भारतीय हैं। सीआरएस के मुताबिक, कोटे के कारण इन भारतीयों को ग्रीन कार्ड पाने में साढ़े नौ साल का इंतजार करना होगा। हालांकि हर साल आने वाले आवेदनों के आधार पर यह इंतजार और भी बढ़ सकता है।