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यौन हिंसा में सबसे कम मृत्युदंड देने वाला देश है भारत, चौंका रहे हैं 2017 के ये आंकड़े

Sat, 14 Apr 2018 10:58 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 14 Apr 2018 10:58 AM IST
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Indian courts give death sentence to 43 in sexual violence in 2017

एकतरफ कठुआ में 8 साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने फिर से ऐसे अपराधों में मौत की सजा की मांग को बढ़ाया है। दूसरी तरफ, इसी दौरान मानवाधिकार पर नजर रखने वाली संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट से सामने आया है कि वर्ष 2017 में भारतीय अदालतों ने 43 ऐसे लोगों को मौत की सजा सुनाई, जो महिलाओं से जुड़े यौन अपराधों में दोषी पाए गए। 

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2017 में भारतीय अदालतों ने यौन हिंसा में 43 को दिया मृत्युदंड

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट- दुनिया में 2591 को मिली मौत की सजा

द डेथ सेंटेंसेज एंड एक्जीक्यूशंस 2017 के नाम से 53 देशों में किए आकलन के आधार पर आई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया में पिछले साल के मुकाबले फांसी पाने वालों की संख्या में करीब 4 प्रतिशत की कमी आई है।

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भारत में घटा है आंकड़ा

Indian courts give death sentence to 43 in sexual violence in 2017

109 अपराधियों को ही इस दौरान भारत में दी गई मौत की सजा
51 को हत्या और 43 को महिलाओं से यौन हिंसा में मिला मृत्युदंड
02 अपराधियों को पहली बार नशीली दवाओं से जुड़े अपराध में मौत की सजा
136 अपराधियों को 2016 में मौत की सजा मिली थी भारत में
87 अपराधी 2016 में हत्या के मामलों में मौत की सजा पाने वालों में थे
371 अपराधी भारत में 2017 के अंत तक फांसी की सजा के बाद जेलों में बंद थे
(एमनेस्टी रिपोर्ट में राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय के मौत की सजा पर शोध विभाग के आंकड़े)

दुनिया में हजार, भारत में एक भी फांसी नहीं

Indian courts give death sentence to 43 in sexual violence in 2017

2591 अपराधियों को 2017 में पूरी दुनिया में मौत की सजा मिली
3117 अपराधियों को 2016 में मिला था दुनिया भर में मृत्युदंड
02 लगातार साल हो गए हैं जब भारत में एक को भी फांसी नहीं मिली
993 को ही फांसी चढ़ाया गया पिछले साल पूरी दुनिया में
09 एशिया पैसेफिक क्षेत्र के देशों में फांसी का आंकड़ा 11 से भी कम रहा
02 देशों ताइवान व इंडोनेशिया में भी 2017 में किसी को फांसी नहीं मिली

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लगातार घट रहा है आंकड़ा

Indian courts give death sentence to 43 in sexual violence in 2017

04 फीसदी कम रही 2017 में फांसी चढ़ने वालों की संख्या 2016 के मुकाबले
1032 अपराधी फांसी पर चढ़ाए गए थे 2016 में पूरी दुनिया में 
1634 फांसी वाले वर्ष 2015 के मुकाबले 39 फीसद घटा 2017 का आंकड़ा
1989 के बाद सबसे ज्यादा फांसी दी गई थी दुनिया में 2015 में

चीन का आंकड़ा शामिल नहीं

Indian courts give death sentence to 43 in sexual violence in 2017

एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि इस रिपोर्ट में चीन के आंकड़े शामिल नहीं है, जहां संस्था का विश्वास है कि सत्ता विरोध पर हजारों लोगों को मौत की सजा सुनाकर जेल भेज देने और हजारों को फांसी चढ़ाए जाने की खबरें आती हैं। लेकिन चीन सरकार ने आंकड़ों को गुप्त कर रखा है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के विपरीत भारत, सिंगापुर और थाईलैंड ने हाईजैकिंग, परमाणु आतंक और भ्रष्टाचार पर मौत की सजा के नए कानूनों को स्वीकार कर मृत्युदंड की स्थिति को बढ़ाया है।

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