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भारतीय वायु सेना की श्रेष्ठता को खतरा: अमेरिकी थिंक टैंक
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 29 Mar 2016 02:53 AM IST
सार
- एक अमेरिकी थिंक टैंक ने चेताया, आधुनिकीकरण में आगे निकल रहे पाक और चीन
- क्षेत्र में स्थायित्व के लिए भारतीय वायु सेना का मजबूत होना जरूरी, सरकार दे ध्यान
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भारतीय वायु सेना
विस्तार
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) आधुनिकीकरण के मामले में पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान से पिछड़ रही है। एक अमेरिकी थिंक टैंक के मुताबिक भारत के मुकाबले ये दोनों देश अपनी हवाई क्षमता का तेजी से विकास कर रहे हैं।
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भारतीय सरकार को इस संकट के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। कार्नेगी इनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस की रिपोर्ट के अनुसार आईएएफ विश्वस्तरीय युद्धक बल है। इसने क्षेत्र में अपनी हवाई श्रेष्ठता साबित की है लेकिन अब इसे पड़ोसी देशों से खतरा पैदा हो गया है।
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दरअसल भारतीय वायु सेना की ढांचागत समस्याएं और विकास योजनाओं से जुड़ी दिक्कत इस पर भारी पड़ रही है। 60 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016 की शुरुआत तक आईएएफ की सैन्य ताकत उससे कमजोर थी, जितना आंकड़े दिखाते हैं।
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वायुसेना में स्वीकृत से कम विमान हैं और कई बेहद पुराने हैं। भारत के 450 लड़ाकू विमानों की तुलना में चीन और पाकिस्तान के पास करीब 750 एडवांस फाइटर प्लेन हैं। रिपोर्ट का सुझाव है कि भारत को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
दक्षिण एशियाई क्षेत्र में स्थायित्व तथा हिंद प्रशांत इलाके में रणनीतिक संतुलन के लिए आईएएफ का प्रभुत्व महत्वपूर्ण है। यह रिपोर्ट भारत और दक्षिण एशिया के विशेषज्ञ एश्ले टेलीस ने तैयार की है।