{"_id":"ffce624a-0663-11e2-a185-d4ae52ba91ad","slug":"india-to-discuss-terror-threats-at-un-general-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद मुद्दा उठाएगा भारत ","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद मुद्दा उठाएगा भारत
संयुक्त राष्ट्र/एजेंसी
Updated Mon, 24 Sep 2012 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के सालाना सत्र से पहले उच्च स्तरीय बैठक में आतंकवाद, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, वैश्विक वित्तीय प्रणाली, फलस्तीन और समुद्री लूटपाट की समस्या पर उसका ध्यान केंद्रित होगा। महासभा के 67वें सत्र के लिए यहां 120 से अधिक देशों के नेता एकत्र हो रहे हैं। इस साल की आम बहस का विषय ‘अंतरराष्ट्रीय विवादों या हालातों का शांतिपूर्ण माध्यम से समायोजन या निपटारा’ है।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा 27 सितंबर को न्यूयॉर्क पहुंचने वाले हैं और वह इस वैश्विक संस्था को एक अक्टूबर को संबोधित करेंगे। वह जी4, ब्रिक्स, जी 77 और राष्ट्रमंडल सदस्य देशों की बैठकों के अलावा कई अन्य बैठकों में भी शरीक होंगे। सूत्रों ने बताया कि कृष्णा के अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के अलावा चीन एवं मिस्र के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठक करने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस बात की कम संभावना है कि कृष्णा और उनकी पाकिस्तानी समकक्ष हिना रब्बानी खार के बीच भी बैठक होगी। गौरतलब है कि कृष्णा ने इस महीने के शुरुआत में पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा की थी।
सूत्रों ने बताया कि उन्हें न्यूयॉर्क में एक और बैठक होने की संभावना नहीं दिख रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों के बारे में संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि फलस्तीन सहित पश्चिम एशिया की स्थिति, अफ्रीका के सूडान, दक्षिण सूडान, सोमालिया जैसे संकटग्रस्त देश और समुद्री डकैती जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
विज्ञापन
पुरी ने कहा कि भारत के लिए एक और बड़ा मुद्दा सुरक्षा परिषद में सुधार है। यह एक मुश्किल और अकेले लड़ने वाली लड़ाई है। इस प्रक्रिया को जारी रखने के लिए आपको हर दिन लड़ना होगा। उन्होंने बताया कि भारत के मुख्य मुद्दों में वैश्विक अर्थव्यस्था एवं वित्तीय प्रणाली, खाद्यान्न सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक विकास की चुनौतियां, गरीबी उन्मूलन और सतत विकास शामिल हैं।
विज्ञापन
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा 27 सितंबर को न्यूयॉर्क पहुंचने वाले हैं और वह इस वैश्विक संस्था को एक अक्टूबर को संबोधित करेंगे। वह जी4, ब्रिक्स, जी 77 और राष्ट्रमंडल सदस्य देशों की बैठकों के अलावा कई अन्य बैठकों में भी शरीक होंगे। सूत्रों ने बताया कि कृष्णा के अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के अलावा चीन एवं मिस्र के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठक करने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस बात की कम संभावना है कि कृष्णा और उनकी पाकिस्तानी समकक्ष हिना रब्बानी खार के बीच भी बैठक होगी। गौरतलब है कि कृष्णा ने इस महीने के शुरुआत में पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा की थी।
विज्ञापन
सूत्रों ने बताया कि उन्हें न्यूयॉर्क में एक और बैठक होने की संभावना नहीं दिख रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों के बारे में संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि फलस्तीन सहित पश्चिम एशिया की स्थिति, अफ्रीका के सूडान, दक्षिण सूडान, सोमालिया जैसे संकटग्रस्त देश और समुद्री डकैती जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
विज्ञापन
पुरी ने कहा कि भारत के लिए एक और बड़ा मुद्दा सुरक्षा परिषद में सुधार है। यह एक मुश्किल और अकेले लड़ने वाली लड़ाई है। इस प्रक्रिया को जारी रखने के लिए आपको हर दिन लड़ना होगा। उन्होंने बताया कि भारत के मुख्य मुद्दों में वैश्विक अर्थव्यस्था एवं वित्तीय प्रणाली, खाद्यान्न सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक विकास की चुनौतियां, गरीबी उन्मूलन और सतत विकास शामिल हैं।