मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित न करवाने पर भारत ने लगाई कड़ी फटकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बिना किसी कारण आतंकवादियों को आतंकी घोषित नहीं करने पर वीटो का अधिकार प्राप्त सदस्य देशों की तीखी आलोचना की। भारत ने पाक आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी के बतौर सूचीबद्ध करने में बार-बार बाधा डालने को लेकर चीन का नाम लिए बगैर उस पर प्रत्यक्ष निशाना साधा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि वीटो का इस्तेमाल करके विकसित देश बिना कोई स्पष्टीकरण के आतंकियों को सूचीबद्ध करने में बाधा डाल रहे हैं। उनका इशारा पाक आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने को लेकर भारत के प्रयासों में चीन द्वारा लगाए जा रहे अड़ंगे की तरफ था। सुरक्षा परिषद की कार्य प्रणालियों पर खुली बहस में भाग लेते हुए अकबरुद्दीन ने कहा, कई बार तो यह भी नहीं पता होता कि किन देशों ने अपने वीटो का इस्तेमाल किया है।
हालांकि अकबरुद्दीन ने किसी देश के नाम का जिक्र नहीं किया, लेकिन यह सर्वविदित है कि पाक से संबंधित आतंकी समूहों को सूचीबद्ध करने के मामले में चीन ने अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया है। चीन ने अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत चिन्हित करने की भारत की कोशिश को बार-बार बाधित किया है। अकबरुद्दीन ने कहा कि 14 प्रतिबंध समितियों ने 678 लोगों और 385 गुटों को इस प्रकार के प्रतिबंध के लिए सूचीबद्ध किया था। व्यावहारिक रूप से इस फैसले को इन समितियों के 15 सदस्य देशों में से कोई भी रोक सकता है।
उन्होंने मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने संबंधी भारतीय कोशिशों को बाधित करने के चीन के कदमों को लेकर कहा कि ऐसे निर्णय लोगों को कोई भी जानकारी दिए बिना लिए गए और इस बात का कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया कि किस आधार पर यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध समितियों की कार्य प्रणाली संबंधी चुनौतियां सिर्फ पारदर्शिता और जवाबदेही से ही संबंधित नहीं हैं, बल्कि इस संदर्भ में परिषद को समितियों की कार्य प्रणाली में मौजूद विसंगतियों से भी निपटना होगा।
पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर का राग
जम्मू कश्मीर में सीमा पर बढ़ती तनानती के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का राग अलापा। पाक ने उनके समाधान को लेकर ‘चुनिंदा’ प्रस्ताव लागू करने का आरोप भी लगाया।
पाक की संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने मंगलवार को सत्र के दौरान सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली पर बोलते हुए कहा कि परिषद की साख पर चुनिंदा प्रस्ताव को लागू करने की वजह से जितना बट्टा लग रहा है उतना किसी और चीज से नहीं।
मलीहा ने आगे कहा कि परिषद को इसलिए समय-समय पर अपने समाधान को लागू करने की समीक्षा करते रहना चाहिए, खासकर लंबे समय से लंबित पड़े मुद्दों के ऊपर जैसे- जम्मू कश्मीर।
मलीहा लोधी ने कहा कि अगर परिषद अपने समाधान को लागू करने में विफल रहता है तो इससे ना सिर्फ दुनिया के सामने परिषद कमजोर होगा बल्कि संयुक्त राष्ट्र पर भी उसका असर पड़ेगा।
मलीहा का इशारा उस 1948 काउंसिल रिजॉल्यूशन की तरफ था जिसमें कश्मीर के भविष्य के निर्धारण के लिए जनमत संग्रह की बात कही गई है। भारत ने कहा है कि आदिवासी पाकिस्तानी सेना के जवान थे जिसने कश्मीर को हड़पने की कोशिशें की थी।