अफगानिस्तान में भारत है एक जिम्मेदार सहयोगी: अमेरिका
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ट्रंप प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कहा कि अफगानिस्तान के लिए भारत एक सहयोग करने वाला जिम्मेदार देश है। अमेरिका चाहता है कि युद्ध से जूझ रहे अफगानिस्तान के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी बने।
दक्षिण-मध्य एशियाई मामलों की विशेषज्ञ और सहायक उप विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने अफगानिस्तान पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा कि कारोबारी सम्मेलनों का आयोजन करने में भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन आयोजनों का मकसद अफगानिस्तान में निवेश की इच्छुक कंपनियों का भारत को एक लांचिंग पेड की तरह इस्तेमाल करना था। ऐसा करने से संघर्षरत अफगानिस्तान में विकास का माहौल बनाना है।
वेल्स ने कहा कि अफगानिस्तान के लिए भारत के समर्थन को हम बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं। वह एक जिम्मेदार मददकर्ता देश है। उसने वर्ष 2020 तक तीन अरब डॉलर की सहायता देने का वादा किया है।
अफगानिस्तान की सरकार ने भारतीय सहायता का स्वागत किया है। अफगानिस्तान की सरकार भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी भी चाहती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान पर भारत के साथ मिलकर काम किया है।
पाक पर आरोप, तालिबान के साथ वार्ता को नहीं उठाए निर्णायक कदम
अमेरिका ने एक बार फिर कहा है कि पाकिस्तान ने तालिबान को वार्ता की मेज तक लाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए हैं। उसने कहा कि तालिबान को बातचीत का रास्ता अपनाने के लिए जिन निर्णायक कदमों की जरूरत है उन्हें उठाने में पाक असफल रहा है।
अमेरिका की सहायक उप विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने यह बात उस वक्त कही जब अमेरिकी सांसद पाक को पूरी तरह से मदद रोके जाने की मांग कर रहे थे। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में अफगानिस्तान पर सुनवाई के दौरान वेल्स ने सांसदों को बताया कि युद्धग्रस्त क्षेत्र में पाक की भूमिका बेहद अहम है और उसकी मदद के बिना अमेरिका को दक्षिण एशियाई रणनीति के तहत अपने लक्ष्यों को हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा।
हालांकि उन्होंने कहा कि पाक ने कुछ सकारात्मक कदम उठाए हैं लेकिन हमारा आकलन यह है कि वह सतत एवं निर्णायक कदम उठाता दिखाई नहीं दे रहा है। एक सांसद द्वारा पूछे गए सवाल के उत्तर में वेल्स ने कहा, हम चाहते हैं कि पाकिस्तान या तो तालिबान के नेतृत्व को गिरफ्तार करे, उसे बाहर करे अथवा उसे वार्ता की मेज तक लाए। वेल्स ने माना कि अफगानिस्तान में सबसे बड़ी समस्या पाक में आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाहें हैं।