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'घृणा अपराध मानी जाए सिख विरोधी हिंसा'
वाशिंगटन/एजेंसी
Updated Fri, 21 Sep 2012 02:59 PM IST
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अमेरिका के विस्कोंसिन गुरुद्वारा गोलीकांड के शिकार एक व्यक्ति के पुत्र ने संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) से सिख विरोधी हिंसा को घृणा अपराध की सूची में शामिल किए जाने की अपील की है। यह एक ऐसी मांग है जिसे अमेरिकी सांसदों का भी समर्थन मिल रहा है। गोलीकांड में मारे गए कुल छह लोगों में अपनी मां को भी खोने वाले हरप्रीत सिंह सैनी ने कांग्रेस में इस संबंध में चल रही सुनवाई में शामिल होकर यह मांग रखी। उन्होंने कहा कि एफबीआई को सिख विरोधी घृणा अपराधों का रिकॉर्ड रखना चाहिए।
सैनी ने सांसदों से कहा कि सीनेटरों, मैं आज यहां सरकार से यह कहने आया हूं कि मेरी मां के साथ न्याय किया जाए। एफबीआई सिखों के खिलाफ घृणा अपराधों का रिकार्ड नहीं रखती है। मेरी मां और जो अन्य लोग उस दिन मारे गए, वे संघीय फॉर्म में कहीं दर्ज भी नहीं होगा। हम जब तक समस्या को स्वीकार नहीं करेंगे तब तक उसका समाधान नहीं निकल सकता। सिंह ने कहा कि ये वे कदम हैं जो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए उठाने होंगे कि ओक क्रीक जैसी घटना फिर से नहीं हो। इस कांड के बाद सिखों के खिलाफ अपराधों को घृणा अपराध की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।
कुछ सांसदों ने भी इस मांग के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। संघीय अधिकारियों ने बताया है कि उन्होंने मुद्दे की पड़ताल करना शुरू कर दिया है और इस संबंध में फैसला मध्य अक्टूबर तक आने की संभावना है। सिंह ने कहा कि पांच अगस्त न सिर्फ सिखों बल्कि पूरे अमेरिकियों के लिए दुखदायी दिन है, क्याेंकि ऐसा किसी दिन हो सकता है, जब कोई कट्टरपंथी व्यक्ति हिंसक तरीके से लोगों के भरोसे को अपना निशाना बनाए। अपनी गवाही के दौरान सिंह ने कहा कि ओक क्रीक में जो कुछ भी हुआ वह अकेली घटना नहीं थी।
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सैनी ने सांसदों से कहा कि सीनेटरों, मैं आज यहां सरकार से यह कहने आया हूं कि मेरी मां के साथ न्याय किया जाए। एफबीआई सिखों के खिलाफ घृणा अपराधों का रिकार्ड नहीं रखती है। मेरी मां और जो अन्य लोग उस दिन मारे गए, वे संघीय फॉर्म में कहीं दर्ज भी नहीं होगा। हम जब तक समस्या को स्वीकार नहीं करेंगे तब तक उसका समाधान नहीं निकल सकता। सिंह ने कहा कि ये वे कदम हैं जो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए उठाने होंगे कि ओक क्रीक जैसी घटना फिर से नहीं हो। इस कांड के बाद सिखों के खिलाफ अपराधों को घृणा अपराध की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।
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कुछ सांसदों ने भी इस मांग के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। संघीय अधिकारियों ने बताया है कि उन्होंने मुद्दे की पड़ताल करना शुरू कर दिया है और इस संबंध में फैसला मध्य अक्टूबर तक आने की संभावना है। सिंह ने कहा कि पांच अगस्त न सिर्फ सिखों बल्कि पूरे अमेरिकियों के लिए दुखदायी दिन है, क्याेंकि ऐसा किसी दिन हो सकता है, जब कोई कट्टरपंथी व्यक्ति हिंसक तरीके से लोगों के भरोसे को अपना निशाना बनाए। अपनी गवाही के दौरान सिंह ने कहा कि ओक क्रीक में जो कुछ भी हुआ वह अकेली घटना नहीं थी।
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